गैस संकट पर सियासी घेराबंदी… कांग्रेस करेगी कलेक्टर कार्यालय का घेराव सोमवार सुबह 11 बजे प्रदर्शन का ऐलान; गैस आपूर्ति, किसानों को 2700 रुपए समर्थन मूल्य और सड़क चौड़ीकरण में राहत की उठेगी मांग

उज्जैन। शहर में रसोई गैस सिलेंडरों की किल्लत और बढ़ती कीमतों से आमजन की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। गैस की अनियमित आपूर्ति और कथित मनमाने दामों को लेकर जनता में नाराजगी है। इसी मुद्दे को लेकर अब कांग्रेस ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शहर कांग्रेस कमेटी और जिला ग्रामीण कांग्रेस कमेटी ने सोमवार, 16 मार्च को सुबह 11 बजे कलेक्टर कार्यालय के घेराव का ऐलान किया है।
कांग्रेस का कहना है कि गैस संकट, किसानों के हित, बिजली बिलों की वसूली और शहर में चल रहे सड़क चौड़ीकरण जैसे मुद्दों को लेकर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करने के लिए यह प्रदर्शन किया जा रहा है। पार्टी नेताओं के मुताबिक यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को आगे और तेज किया जाएगा।
विधायक महेश परमार तथा शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी ने बताया कि शहर में गैस सिलेंडरों की कमी से आम परिवारों की रसोई प्रभावित हो रही है। लोगों को समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहे और कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन मुद्दों को लेकर प्रशासन के समक्ष जनभावनाओं को रखेगी।
कांग्रेस ने किसानों के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया है। पार्टी का कहना है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। इस संबंध में गेहूं खरीदी का भाव 2700 रुपए प्रति क्विंटल करने की मांग रखी जाएगी, ताकि किसानों को आर्थिक राहत मिल सके।
शहर में चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्यों को लेकर भी कांग्रेस ने आपत्ति जताई है। नेताओं का कहना है कि कई स्थानों पर प्रस्तावित चौड़ाई के कारण रहवासी प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में पिपलीनाका–गढ़कालिका मार्ग की चौड़ाई 80 फीट और एमआर-4 की चौड़ाई 60 फीट रखने की मांग की गई है। साथ ही, अन्य मार्गों पर भी स्थानीय परिस्थितियों और जनता की मांग के अनुरूप निर्णय लेने तथा प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा देने की बात कही गई है।
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