इंदौर।इंदौर के सबसे व्यस्त मार्ग पर स्थित एमवाय अस्पताल के चार में से तीन गेट लंबे समय से बंद हैं। इसके चलते मरीजों, बुजुर्गों और उनके परिजनों को अस्पताल तक पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आपातकालीन स्थिति में आने वाले लोगों को भी अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।मामले को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता ने संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर दी। इस मामले की सुनवाई मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की डबल बेंच में हुई।याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि गेट बंद होने से आम नागरिकों को गंभीर असुविधा हो रही है। विशेष रूप से बुजुर्ग और गंभीर मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।गर्ग ने कहा कि मरीजों के परिजनों को गेट बंद होने से ऑटो और एम्बुलेंस चालक भी अंदर जाने में आनाकानी करते हैं या अधिक किराया मांगते हैं। वहीं, पैदल आने वाले गरीब मरीजों के लिए यह दूरी तय करना किसी सजा से कम नहीं है।हाईकोर्ट ने नगर निगम से पूछा- गेट बंद क्यों?-सुनवाई के दौरान न्यायालय ने इंदौर नगर निगम से स्पष्ट रूप से पूछा कि जब अस्पताल सार्वजनिक उपयोग का प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है तो उसके तीन गेट बंद रखने का कारण क्या है।कोर्ट ने राज्य सरकार को इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई 23 फरवरी 2026 को निर्धारित की गई है।एमवाय अस्पताल इंदौर और आसपास के जिलों के लाखों लोगों के इलाज का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में गेट बंद रहने से न सिर्फ मरीजों बल्कि पूरे शहर के नागरिकों में नाराजगी है। अब सबकी नजर अगली सुनवाई पर है, जहां से राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। मरीजों-एम्बुलेंस को आती हैं ये दिक्कतें-मुख्य द्वारों के बंद होने से मरीजों, बुजुर्गों और गंभीर स्थिति में आने वाले लोगों को लंबा चक्कर लगाकर अस्पताल में प्रवेश करना पड़ रहा है। एम्बुलेंस को ट्रैफिक और बंद गेटों के कारण अंदर पहुंचने में कीमती मिनट गंवाने पड़ रहे हैं।
MY हॉस्पिटल के 4 में से 3गेट बंद:हाईकोर्ट ने मांगा जवाब, पूछा-मरीजों-परिजनों को परेशान क्यों कर रहे?