4 दिन बाद बच्ची का शव कब्र से निकाला:प्राइवेट क्लिनिक में 5 ड्रिप के बाद मौत हुई;

इंदौर। में कुछ दिन पहले तक दो साल की काशवी की  बच्ची की संदिग्ध हालात में हुई मौत ने पूरे परिवार को झकझोर दिया है।परिजन का आरोप है कि निजी क्लिनिक में गलत इलाज के कारण उनकी बेटी की जान गई। मामले की सच्चाई जानने के लिए मौत के 4 दिन बाद प्रशासन की अनुमति से मंगलवार को बच्ची का शव श्मशान घाट से निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया था।बालदा कॉलोनी निवासी नितिन यादव की बेटी काशवी को 27 मई को मामूली उल्टी-दस्त की शिकायत हुई थी। परिजन उसे भोलाराम उस्ताद मार्ग स्थित ‘द हेल्थ केयर क्लिनिक’ ले गए। 28 मई को काशवी की मौत हो गई थी।आरोप है कि क्लिनिक पर डॉ. अनिल घई ने बच्ची को देखा और ड्रिप लगवाई थी। पहले चार ड्रिप लगाई गई। इसके बाद उसे एक उल्टी हुई। परिजन के अनुसार डॉ. घई ने कहा कि अभी एक डोज और दिया जाना है। इसके बाद फिर ड्रिप लगाई गई। कुछ समय बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी और हार्ट बीट तेज हो गई।परिजन ने बात की तो डॉक्टर ने भरोसा दिलाया कि वह ठीक हो जाएगी। हालत बिगड़ने पर डॉक्टर ने कहा कि ड्रिप पूरी हो चुकी है, उसे घर ले जाओ, ठीक हो जाएगी। इसके बाद परिजन उसे रात में घर ले आए।रात में उसके हाथ-पैर और होंठ नीले पड़ गए। सुबह परिजन उसे एक प्राइवेट हॉस्पिटल ले गए। वहां से डॉक्टरों ने उसकी हालत देखकर चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय भेज दिया।वहां उसकी गंभीर हालत देखकर उसे वेंटिलेटर पर रखा गया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
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