महिदपुर — नगर में 26जून की रात 9 बजे ताजियो का जुलूस घोडा पछाड़ चौराहे से प्रारम्भ हो कर पूरी रात गांधी मार्ग पर रुकने के बाद सुबह ११ बजे चौक बाज़ार से रवाना होकर अमर शहीद भगतसिंह चौक से दोपहर ४ बजे तक रुकने के बाद शाम ५-६ बजे क्षिप्रा नदी के किनारे कर्बला मैदान पहुंचा और अखाड़े के रूप में तिरिया गिरे फिर ताजियो को नदी में ठंडा करने का उत्सुक होकर जुलूस समाप्त हुआ।
४० से अधिक ताजिये हजारो रुपये खर्च कर मन्नतधारीयों तथा व्यक्तिगत रूप से बनाये ताजिये सामिलित थे साझियो के जुलूस मे कई जगहो के आये बैंड आकर्षण का बिंदु रहे।कर्बला मैदान में जुलूस मे लाल, अखरोट आकार, उल्लू, नागा, बैंड आदि शहरो से आयी दलथ्या मे श्रद्धालु शामिल हुए।महिदपुर में ताजियो का जुलूस २६ जून की शाम प्रारम्भ होकर दूसरे दिन २७ जून को शाम को समाप्त होने की परम्परा होल्कर राज्य के जमाने से चली आ रही है। होल्कर राज्य की राजधानी इंदौर मे ताजियो का जुलूस कार्यक्रम समाप्ति के बाद होलकर राज्य का प्रतिनिधी दूसरे दिन महिदपुर पहुच कर जुलूस मे शामिल होते थे। ताजियो के जुलूस मे स्वांग रचने की परम्परा भी उसी जमाने से अब तक निरन्तर चली आ रही है। पुलिस, प्रशासकीय अधिकारी, नपा व विद्युत मण्डल के अधिनस्त निरन्तर जुलूस मार्ग पर सक्रिय देखे गये।