हिरासत में ई-रिक्शा की बेटरी लॉक कर ठगी करने वाला युवक -यूट्युब से सीखा तरीका, चालू करने के नाम पर लेता था रूपये

उज्जैन। कुछ दिनों से चलती ई-रिक्शा अचानक बंद होने और कुछ देर बाद एक युवक द्वारा आकर चालू करने के नाम पर रूपये मांगने का मामला पुलिस के पास पहुंचते ही थाना पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच की टीम अलर्ट हो गई। बुधवार को बेटरी लॉक कर ठगी करने वाले को दबोच लिया गया। जिससे पूछताछ जारी है।
एएसपी आलोक शर्मा ने बताया कि कुछ ई-रिक्शा चालकों ने बताया था कि उनकी रिक्शा सूनसान रास्तों पर अचानक बंद होने के बाद कुछ युवक आकर चालू करने की बात कहते है और बदले में 200 से 300 रूपयों की मांग कर रहे है। उनके द्वारा रिक्शा चालू करने का वीडियो भी बनाया जा रहा है। चालकों ने यह भी बताया कि रिक्शा की बेटरी और सिस्टम को मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से प्रभावित किया जा रहा है। मामला सायबर ठगी से जुड़ा है। मामले में गंभीरता से जांच शुरू की गई और थाना पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच को अलर्ट किया गया। बुधवार शाम मामले में रिक्शा की बेटरी लॉक कर ठगी में शामिल एक युवक हिरासत में आ गया। जिसके खिलाफ नीलगंगा थाना पुलिस ने धोखाधड़ी और आईटी एक्ट का प्रकरण दर्ज कर पूछताछ की जा रही है। नीलगंगा थाना प्रभारी तरूण कुरील ने बताया कि युवक रितेश पिता मदन भानूपा 18 साल निवासी भैरवगढ़ क्षेत्र का रहने वाला है। जिसके साथियों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
युट्युब पर देखा, प्ले स्टोर से किया डाउनलोड
ई-रिक्शा चालकों से ठगी करने वाले युवक से प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि उसने बेटरी लॉक करने का तरीका यूट्युब पर देखा था। वहीं से सीखा और प्ले स्टोर से बेट बीएमएस एप डाउनलोड किया। मोबाइल के माध्यम से एप से  ब्लूटुथ लगी बेटरी को लॉक करता था। बताया जा रहा है कि उसने लोटी तिराहा पर भैरवगढ़ क्षेत्र के रहने वाले अजय चौधरी की रिक्शा की बेटरी को लॉक किया था। पुलिस अलर्ट थी पता चलते ही यातायात पुलिस की मदद से उसे पकड़ा गया। नीलगंगा थाना प्रभारी के अनुसार अजय चौधरी की शिकायत पर ठगी करने वाले युवक के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है।
पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
ई-रिक्शा की बेटरी लॉक कर चालकों से ठगी का सनसनी खेज मामला सामने आने पर पुलिस की ओर से एडवाइजरी की गई है। जिसमें कहा गया कि रिक्शा अचानक बंद हो तो घबराये नहीं। किसी अज्ञात व्यक्ति के झांसे में आकर वाहन चालू कराने के नाम पर नगद या आॅनलाइन भुगतान ना करे। वाहन में तकनीकी खराबी आने पर अधिकृत सेंटर या कंपनी के टेक्नीशियन से संपर्क करे। अंजान व्यक्ति को वाहन या बेटरी में छेडछाड़ ना करने दे। यदि कोई व्यक्ति वाहन चालू करने के नाम पर रूपयों की मांग करता है तो उसका फोटो, वीडियो के साथ वाहन का पंजीयन क्रमांक सुरक्षित रखने का प्रयास करें और तत्काल डायल 112 या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दें। किसी भी अपुष्ट अथवा भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें तथा बिना सत्यापन के ऐसी सूचनाओं को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने से बचें। अफवाहें फैलाना भी कानूनन दंडनीय हो सकता है।

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