राहुल के कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं की नो एंट्री छात्रों के लिए 5 एकड़ में बनेगा हाईटेक डोम

इंदौर। राहुल गांधी के 19 सितंबर को इंदौर में होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को कांग्रेस ने सामान्य राजनीतिक सभा से अलग रखने की तैयारी की है। कार्यक्रम स्थल पर करीब 5 एकड़ यानी ढाई लाख वर्गफीट में वॉटरप्रूफ हाईटेक डोम तैयार किया जा रहा है। इसमें करीब एक लाख छात्रों के बैठने की क्षमता होने का दावा किया गया है।      आयोजन की सबसे खास बात यह है कि कार्यक्रम स्थल पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की सामान्य एंट्री प्रतिबंधित रहेगी। मंच और दर्शक दीर्घा की पूरी व्यवस्था इस तरह की जा रही है कि कार्यक्रम का फोकस छात्रों पर रहे।       कार्यक्रम स्थल के लेआउट में राहुल गांधी का मंच उत्तर दिशा में बनाया जा रहा है। छात्रों के लिए मुख्य प्रवेश रीजनल पार्क की ओर से रखा गया है, जबकि राहुल गांधी के मंच तक पहुंचने के लिए अलग रास्ता तैयार किया जा रहा है।
    राहुल गांधी पीछे के रास्ते से सीधे मंच तक पहुंचेंगे। इस रास्ते पर उनके वाहन के अलावा किसी अन्य वाहन को प्रवेश नहीं देने की तैयारी है। इससे वीआईपी मूवमेंट को छात्रों की आवाजाही से अलग रखा जाएगा।
बारिश के बीच युद्धस्तर पर तैयारी –इंदौर में लगातार बारिश के कारण कार्यक्रम स्थल पर कीचड़ होगया है। आयोजकों के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती मैदान को समय पर तैयार करना है। इसके लिए बड़े पैमाने पर मिट्टी और गिट्टी डालकर जमीन को समतल और मजबूत किया जा रहा है। बारिश की संभावना को देखते हुए डोम को वॉटरप्रूफ बनाया जा रहा है, ताकि कार्यक्रम के दौरान छात्रों को परेशानी न हो। डोम के खंभे लगाने से लेकर संरचना खड़ी करने तक का काम लगातार चल रहा है।दिल्ली की टीम ने संभाली कमान-कार्यक्रम की तैयारियों में दिल्ली से आई टीम की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। यह टीम डोम, मंच, मैदान के लेआउट और अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी कर रही है। डिजाइन से लेकर आयोजन स्थल की कई व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में दिल्ली की टीम दिशा-निर्देश दे रही है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बजाय छात्रों पर फोकस –कांग्रेस का कहना है कि ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को राजनीतिक सभा के रूप में आयोजित नहीं किया जा रहा है। इसी वजह से आयोजन स्थल पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की एंट्री को सीमित रखा गया है। करीब एक लाख छात्रों की क्षमता वाले इस आयोजन के लिए अलग प्रवेश, अलग वीआईपी मार्ग और मंच की अलग व्यवस्था की गई है। अब आयोजकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती 19 सितंबर से पहले बारिश के बीच ढाई लाख वर्गफीट के मैदान और डोम को पूरी तरह तैयार करना है।
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