नलखेडा। आगर-मालवा जिले के नलखेडा में स्थित प्रसिद्ध तांत्रिक मां बगलामुखी मंदिर के दान में सेंध का आरोप लगने की स्थिति सामने आने के बाद कलेक्टर प्रिती यादव ने तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई है। यह समिति 7 दिन में अपना प्रतिवेदन कलेक्टर को देगी। मामले में प्रारंभिक रूप से एक गैर सरकारी समिति के खुलेआम मंदिर में सोने-चांदी के आभूषण एवं नकदी दान में लेने की जानकारी सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया है।उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर के दान में वर्ष 2018 में गणना के दौरान चोरी के बाद,अयोध्या के राम मंदिर,बद्रीनाथ-केदारनाथ धाम में चढ़ावा चोरी के मामले सामने आए हैं। इसी क्रम में नलखेडा के प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर के दान में भी सेंध की स्थिति सामने आई है। मंदिर की आधिकारिक सरकारी प्रबंध समिति को दरकिनार कर परिसर के भीतर एक गैर-सरकारी समिति के खुले रूप से सोने-चांदी के आभूषणों के दान लेने का मामला सामने आने पर कलेक्टर ने समिति बनाकर जांच का कदम उठाया है। सामने आए साक्ष्यों के अनुसार, नलखेड़ा की ही एक समिति को 2024 में तत्कालीन एसडीएम एवं मां बगलामुखी प्रबंध समिति के अध्यक्ष मिलिंद ढोके के संरक्षण में मंदिर के गर्भगृह के भीतर पैर जमाने का मौका मिला था। तब से लेकर अब तक यह समिति बिना किसी कानूनी अधिकार के मंदिर के अंदर अपनी रसीद काटकर दान ले रही थी। समिति दान पत्र के नाम पर रसीद बुक छपवाकर इसके माध्यम से अपना काम कर रही थी। गैर सरकारी संस्था की रसीद पर बकायदा एक निजी बैंक का खाता नंबर और कई लोगों के मोबाइल नंबर भी दर्ज हैं। गैर शासकीय समिति के दान लेने के आरोपों और शिकायतों के आधार पर कलेक्टर श्रीमती प्रीति यादव ने एक जांच समिति गठित की है। तीन सदस्यीय जांच समिति मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बी.एस. सोलंकी की अध्यक्षता में जांच को अंजाम देगी। इसमें जिला कोषालय अधिकारी मनीष सोलंकी एवं मुख्य नगरपालिका अधिकारी नलखेड़ा मिनी अग्रवाल सदस्य बनाए गए हैं। जांच दल 7 दिवस के भीतर मंदिर परिसर का निरीक्षण कर दान-संग्रहण व्यवस्था, नगद-स्वर्ण-रजत का लेखा-जोखा एवं अन्य आरोपों के संबंध में जांच कर प्रतिवेदन सुझावों सहित प्रस्तुत करेगा।
मां बगलामुखी मंदिर के दान में सेंध का आरोप ,कलेक्टर ने जांच समिति बनाई