उज्जैन। नगरकोट बुधवारिया स्थित गोवर्धन सागर तालाब में मछलियों के मरने का सिलसिला लगातार जारी है। तालाब का पानी दूषित होने और उसमें ऑक्सीजन की कमी होने के कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में मछलियां मर रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बीडी मार्केट क्षेत्र का सीवरेज का गंदा पानी गोवर्धन सागर में पहुंच रहा है, जिससे जल प्रदूषण बढ़ता जा रहा है और जलीय जीवों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
तालाब किनारे मिल रही हैं मरी हुई मछलियां
पिछले कई दिनों से गोवर्धन सागर के किनारों पर मरी हुई मछलियां दिखाई दे रही हैं। बुधवार को भी कई मछलियां मृत अवस्था में तालाब के किनारे पड़ी मिलीं, जिन्हें बाहर निकालने का कार्य किया गया। हालांकि तालाब के पानी को शुद्ध करने और प्रदूषण रोकने के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
गंदगी और दूषित पानी से बिगड़ रही स्थिति
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि तालाब में लगातार कचरा और गंदा पानी पहुंचने से उसकी स्थिति दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है। दूषित जल के कारण मछलियों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है, जिससे उनकी मौत हो रही है। तालाब से उठ रही दुर्गंध ने आसपास के रहवासियों की परेशानी और बढ़ा दी है।
क्षीरसागर कुंड की तरह सुधार की उम्मीद
क्षेत्रवासियों का कहना है कि कुछ समय पहले क्षीरसागर कुंड के दूषित पानी की सफाई कर वहां की व्यवस्था में सुधार किया गया था। निगम आयुक्त द्वारा निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए जाने के बाद कुंड की स्थिति काफी बेहतर हुई थी। इसी तरह गोवर्धन सागर के संरक्षण और सफाई के लिए भी तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।