इंदौर/उज्जैन
पति से अलग रहते हुए गर्भ समापन की अनुमति मांगने वाली महिला के मामले में हाईकोर्ट ने अब पति-पत्नी के बीच सुलह और परामर्श की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पत्नी के द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान जस्टिस जय कुमार पिल्लई ने 5 जून को पत्नी और पति दोनों को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में हाजिर होने के लिए कहा है ताकि दोनों को समझाइश दी जा सके और उनके बीच के तनाव को खत्म करने के साथ ही गर्भ को लेकर निर्णय दोनों की सहमति से लिया जा सके।पूरा मामला एक महिला की याचिका से जुड़ा है, जिसने अपने पति से अलगाव के बीच गर्भपात की अनुमति के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। महिला ने कोर्ट को बताया था कि उसकी शादी धार जिले के धरमपुरी थाना क्षेत्र के एक युवक से हुई थी और वह वर्तमान में गर्भवती है।