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उज्जैन। शहर के विकास की स्थिति का मूल देखना हो तो नए शहर के फ्रीगंज में दोपहर या अपरांह् के समय दो पहिया वाहन पर निकलो। रात को 60 फीट चौडी सडक दिन में सिमट कर 20 फीट रह जाती है। मुख्य बाजार में बीच सडक तक पार्किंग के हाल देखे जा सकते हैं। नए शहर के फ्रीगंज क्षेत्र में दो पहिया वाहन चालकों का निकलना दुभर हो रहा है। पूरे फ्रीगंज क्षेत्र में बीच सडक में ही चौपहिया वाहनों की पार्किंग करने में चालकों को कोई गुरेज नहीं हो रहा है।
सडक सुरक्षा माह के दरमियान यातायात नियमों के पालन को लेकर आमजन को जागरूक करने का काम किया जा रहा है। इस जागरूकता में वाहनों की पार्किंग को लेकर कहीं भी कोई अभियान में गतिविधि शामिल दिखाई नहीं दे रही है । यही कारण है कि आमजन खासकर कतिपय चौपहिया वाहन चालक अपने वाहनों को नए शहर के मुख्य फ्रीगंज बाजार में ही बीच सडक तक पार्किंग कर रहे हैं। इससे अच्छी खासी चौडी रोड पर भी जाम के हालात बने रहते हैं और आवागमन बाधित होने से वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। सोमवार को अपरांह के समय फ्रीगंज शिव मंदिर चौराहा से मोहन मेंशन तक काफी देर तक ऐसे हालात देखे गए। एक नहीं करीब आधा दर्जन चौपहिया वाहन आधी सडक तक पार्क रहे । दुसरी और दुकानदारों का अतिक्रमण होने से यहां वाहनों का निकलना दुभर हो रहा था।
दुकानदार फूटपाथ छोड सडक तक पसरे-
सडक सुरक्षा माह के दरमियान ही सडकों पर नियमानुसार फूटपाथ खाली रहना चाहिए । इसे पैदल चलने वालों के लिए रखा जाना चाहिए। इसके विपरित बाजार में हालात यह हैं कि फूटपाथ तो ठीक दुकानदार फूटपाथ छोडकर सडक तक अपना सामान पसरे हुए हैं। ठेले वाले फूटपाथ के मुहाने से बाहर सडक की और हैं और उनके यहां आने वाले चौपहिया के ग्राहक आधी सडक तक । ऐसे में सडक पर जाम के हालात बनना आम बात होती जा रही है।
फिर पसरा बाजार-
हाल ही में नगर निगम ने पुलिस के साथ पुरानी सब्जी मंडी क्षेत्र में अतिक्रमण को हटाया था। यहां से सभी को खदेड दिया गया था और सामान जब्ती जैसी कार्रवाई को अंजाम दिया था। अभी इसे एक पखवाडा भी नहीं बीता है और फिर से सडक तक दुकानें पसर गई हैं। ठेले वालों का भी यहां मजमा लग गया है। यहां बीच सडक पर वाहनों की पार्किंग की जगह है। यहां भी बेतरतीब पार्किेग होने से आवागमन अवरूद्ध होता रहता है।
टावर से सांदीपनि चौराहा में अवरोध की भरमार-
टावर से सांदीपनि चौराहा के आवागमन में भी दिन के समय अवरोधों की भरमार रहती है। यहां सडक पर ही ठेले वाले जमे रहते हैं। इसके साथ ही चौपहिया वाहनों को फूटपाथ की बजाय सडकों पर ही पार्किंग किया जाता है। सडक के दोनों छोरों पर एक जैसे हालात होने पर आवागमन अवरूद्ध जैसे हाल बने रहते हैं। शहीद पार्क की रोटरी में चौतरफा वाहनों की पार्किंग से अवरोध की स्थिति बनी रहती है। टावर पर अंबेडकर प्रतिमा के आसपास ठेले वालों का कब्जा रहता है तो यहां अवैध नगर सेवा का स्टाप भी विकसित हो गया है। प्रतिमा के सामने ही नगर सेवा वाहन खडे रहते हैं और उसके बाद प्रतिमा के पास ठेले वालों का मजमा लगा रहता है। प्रतिमा के चौतरफा ऐसी स्थिति होने से यहां पूर्व की पार्किंग बंद हो गई और वाहन आधी सडकों तक पार्किंग किए जा रहे हैं।
वैकल्पिक मार्ग पर भी चौपहिया की पार्किंग-
फ्रीगंज क्षेत्र की बसाहट इतनी व्यवस्थित की गई थी की इसमें एक से अधिक वैकल्पिक मार्ग दिए गए हैं। इन वैकल्पिक मार्गों पर भी दिन के समय सडकों पर ही पार्किंग होती है। फूटपाथ की बजाय सडकों पर पार्किंग होने से आवागमन में बराबर बाधा की स्थिति बनी रहती है। जलपान वालों की वजह से वैकल्पिक मार्ग भी बाधित हैं तो दुकानदारों प्रदर्शन बोर्ड एवं सामान की वजह से फूटपाथ तक कब्जा रहता है।