खुसूर-फुसूर
प्रणम्य हैं साध्वी महाराज आप…
धर्मनगरी के एक धार्मिक स्थल को बेवजह ही भय का स्थल बनाने पर कुछ लोग आतूर हैं। विक्रांत भैरव क्षेत्र में उपर की और सती माता एवं मेलडी माता के नाम से प्रसिद्ध इस स्थल पर पिछले कुछ माह से आने वाले कतिपय लोग यहां तंत्र-मंत्र के नाम पर कुछ लोगों के फोटो को लगाकर उन पर किल गाडकर चले जाते हैं। इसे दुश्मन को निपटाने के लिए किया जाना बताया जा रहा है। अपनी अंधविश्वासी स्थिति के कारण ऐसे लोग पास के वृक्षों को बेवजह ही छेद रहे थे। यहां दो-चार नहीं सैंकडों फोटो पिछले कुछ समय में ही लग गए थे। यह अंध विश्वास एक अच्छे धार्मिक स्थल को लेकर भय की स्थिति निर्मित कर रहा था। यहां आसपास काफी रमणीक क्षेत्र है। इस क्षेत्र को विकसित किए जाने पर यहां बेहतर पर्यटक स्थल को विकसित किया जा सकता है। इस भय एवं अंधविश्वास को प्रोत्साहित करने की स्थिति की जानकारी अटल अखाडा की साध्वी माता हरिप्रिया महाराज को मिलने पर उन्होंने इस धार्मिक स्थल को अंध विश्वास एवं भय की स्थिति से मुक्त करने का कदम उठाया है। उन्होंने स्थल पर जाकर आम श्रद्धालुओं के सम्मुख फोटो टांगने के इस अंध विश्वास को तोडते हुए वृक्षों से फोटों एवं कीलों को निकालते हुए जलाया और पर्यावरण को हो रही हानि से बचाया है। साध्वी माता ने धर्मनगरी के जिम्मेदारों को जो करना चाहिए और धर्म के ठेकेदारों को जो करना चाहिए उसकी एक बेहतर मार्ग दिखाया है। धर्मनगरी में ऐसे ही कई अन्य धर्मस्थलों पर भी अंध विश्वास एवं भय की स्थिति बनाई जा रही है। गढ कालिका मंदिर के पीछे लिखने और वहां की दीप मालिका पर पैसा चिपकाने के मामले को भी बराबर बल मिल रहा है। मंदिर की खुबसूरती और स्वच्छता इससे प्रभावित हो रही है। मंदिर समिति ने सूचना लगाकर अपने काम की इति श्री कर ली है न तो यहां कोई रोकता है न ही टोकता है। सबके सामने यहां दीप मालिकाओं पर पैसा चिपकाने का काम भीरू श्रद्धालु करते देखे जा सकते हैं। यही सिक्के दीप मालिका से गिरकर पैरों में आते रहते हैं इससे भारतीय मुद्रा का अपमान होता रहता है। इसे भी मंदिर समिति रोकने की बजाय मात्र दर्शक बनी रहती है। खुसूर- फुसूर है कि इस प्रकार के तमाम मामलों को लेकर प्रशासन स्तर पर आदेश जारी किया जाना चाहिए और अंध विश्वासों एवं भय की स्थितियों को समाप्त करने की कार्रवाई को अंजाम देना चाहिए। साध्वी माता श्री ने धर्मनगरी के धर्मअनुयायियों को एक बेहतर राह दिखाई है उन्हें प्रणाम ।