उज्जैन। मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलाने के नाम धोखाधड़ी करने वाला शातिर मुख्य आरोपी सिलीगुड़ी में क्लीनिक चला रहा था। 3 माह बाद उसे गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर उज्जैन लाया गया है। आरोपी का साथी पूर्व में गिरफ्तार हो चुका है।
नीलगंगा थाना एसआई यादवेन्द्र परिहार ने बताया कि मंछामन कालोनी में रहने वाले सतीशचंद्र पटेल ने 29 मार्च को नीलगंगा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पुत्र हर्ष का मेडिकल कॉलेज में एडमिशन कराने के नाम पर 4.50 लाख की धोखाधड़ी हुई है। रिश्तेदार के माध्यम से बिहार स्थित कटिहार मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य आरबी गुप्ता से संपर्क हुआा था। आॅनलाइन ट्रांजेक्शन करने के बाद बिहार पहुंचे तो प्राचार्य गुप्ता ने एडमिशन से इंकार कर दिया और कहा कि उन्होने कोई संपर्क नहीं किया है। उनके नाम का उपयोग किसी के द्वारा किया गया है। मामले में प्रकरण दर्ज कर ट्रांजेक्शन किये गये खातों की पड़ताल की गई। जिसके आधार पर 3 माह बाद पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से धोखाधड़ी के मुख्य आरोपी सुमंत्र पिता सैबल गुप्ता 45 साल को गिरफ्तार कर उज्जैन लाया गया है। जिसे रविवार को कोर्ट में पेश किया जायेगा। आरोपी काफी शातिर है, उसने एमबीबीएस किया और सिलीगुडी के माल बाजार में रिलिफ नर्सिंग होम नाम से क्लीनिक चलाता है। धोखाधड़ी में उसका एक साथी जयंत पिता ज्योति सरकार भी शामिल था। जिसे 4 मई को कानपुर जेल से पूछताछ के लिये प्रोटेक्शन रिमांड पर लाया गया था। उसकी के माध्यम से सुमंत्र के मुख्य आरोपी होने की जानकारी मिली थी।
कुछ राशि कॉलेज अकाउंट करता था जमा
एसआई परिहार ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि आरोपी खुद एमबीबीएस कर चुका है। वह ऐसे लोगों की तलाश में रहता था, जिन्हे एमबीबीएस में सीट प्राप्त करना होती थी। उसके द्वारा देशभर के मेडिकल कॉलेजों की जानकारी आॅनलाइन प्राप्त कर रखी है। सीट प्राप्त करने वालों से संपर्क होने पर पहले कॉलेज अकाउंट में 20 से 25 हजार की राशि का ट्रांजेक्शन करता था। जिससे उसके जाल में फंसने वाले का विश्वास हो जाये। उसके बाद एनआरआई सीट दिलाने के नाम पर अलग-अलग अकाउंट में लाखों की राशि जमा करा लेता था। आरोपी और उसके साथी के खिलाफ दिल्ली, सिक्कीम, कानपुर सहित अन्य राज्यों में एडमिशन के नाम पर हुई ठगी के मामले दर्ज है।
कॉलेज को लौटा पड़ती है राशि
मंछामन कालोनी के पटेल परिवार से हुई धोखाधड़ी की राशि 25 हजार बिहार के कटिहार मेडिकल कॉलेज के खाते में पहुंची थी। शेष राशि आरोपी ने अपने खाते में जमा कराई थी। पटेल परिवार के बिहार पहुंचने पर कॉलेज प्राचार्य ने अपनी संस्था का अकाउंट चैक किया था, जिसमें आॅनलाइन 25 हजार आये थे। उन्होने कोर्ट आदेश के बाद राशि लौटाने की बात कहीं थी और बताया था कि पूर्व में एडमिशन के नाम उनके कॉलेज खाते में आॅनलाइन ट्रांजेक्शन हो चुका है। वह पूर्व में भी राशि लौटा चुके है।
एडमिशन के नाम पर ठगे थे 4.50 लाख सिलीगुड़ी में क्लीनिक चलाता मिला धोखाधड़ी का आरोपी