जम्मू / उज्जैन। अमरनाथ की पवित्र गुफा में बने पवित्र हिम शिवलिंग के लिए गुरूवार सुबह श्रद्धालुओं का पहला जत्था जम्मू से बाबा अमरनाथ की पवित्र यात्रा के लिए रवाना होगा। मौसम के साफ होने की स्थिति में यह जत्था शुक्रवार 3 जुलाई की शाम को 14500 फुट की ऊंचाई पर बाबा अमरनाथ की गुफा में पहुंचकर हिमलिंग के प्रथम दर्शन करेगा। प्रथम जत्थे में उज्जैन के श्रद्धालु भी शामिल होंगे। इधर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए हजारों ड्रोन एवं लाखों सुरक्षाकर्मी मार्ग में तैनात किए गए हैं। इसके साथ ही देशभर से पहुंचे सेवादारों ने मार्ग में सैंकडों लंगर श्रद्धालुओं के लिए लगाए हैं।मंगलवार को उज्जैन से रवाना होकर बुधवार को जम्मू पहुंचे श्रद्धालुओं ने बताया कि करीब प्रतिदिन 15 हजार श्रद्धालुओं को पहलगाम तथा बालटाल के रास्ते यात्रा में शामिल होने की अनुमति दी गई है। मार्ग में सुरक्षा के लिए सेना सहित अन्य सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है।करीब 58 दिनों तक लखनपुर से लेकर गुफा तक श्रद्धालुओं की सेवा में ये रहेंगे। अमरनाथ श्राईन बोर्ड के सूत्रों के अनुसार इस वर्ष अब तक करीब साढ़े चार लाख श्रद्धालुओं ने अपना पंजीयन यात्रा के लिए करवाया है। मंगलवार से जम्मू में आन स्पाट पंजीयन भी प्रारंभ किया जा चुका है। यात्रा का मुख्य बेस कैंप जम्मू के यात्री भवन में बनाया गया है । यहां अत्यधिक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। बगैर अनुमति और जांच के यहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता है।सीआरपीएफ,बीएसएफ और सेना तैनात-जम्मू से लेकर बालटाल तथा पहलगाम तक के यात्रा मार्ग की सुरक्षा को सेना, केरिपुब के हवाले किया जा चुका है। पहलगाम से गुफा तथा बालटाल से गुफा तक के रास्तों पर सेना और बीएसएफ भी स्थानीय पुलिस का साथ दे रही है। जबकि गुफा के बाहर इस बार सुरक्षा का जिम्मा आईटीबीपी के हवाले है। हजारों की तादाद में ड्रोन और मुश्की कुत्ते भी श्रद्धालुओं की सुरक्षा में लगाए गए हैं। अमरनाथ यात्रा के जत्थों की सुरक्षा के लिए वायुसेना के लड़ाकू हेलिकाप्टरों को भी तैनात किया गया है।