तराना। प्रदेश सरकार की भावांतर योजना में सोमवार को सोयाबीन की उपज का उचित भाव नहीं मिलने से किसानों द्वारा कृषि उपज मंडी बन्द कर मंडी गेट के बाहर स्टेशन मार्ग पर चक्का जाम कर दिया । किसानों ने बताया कि मंडी में 4400 रुपए प्रति क्विंटल की बोली लगाई जा रही है।जबकि बाहर 5 हजार से अधिक मिल रहै है। सुबह 11:00 बजे से ही मंडी गेट के बाहर स्टेशन मार्ग पर दोनों तरफ ट्रैक्टर लगाकर चक्का जाम कर सड़क पर किस बैठ गए थे इसके चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी कटारे लग गई थी। जिस वजह से करीब 3 घंटे तक यह प्रमुख मार्ग बंद रहा।प्रदेश में सरकार भावांतर पर किसानों का पंजीयन कर रही है और भारतीय किसान संघ सहित किसानों की सोयाबीन के लागत भाव की मांग की जा रही है। उसके बाद भी मंडी में भाव को लेकर किसानों का आक्रोश भडक रहा है। तराना मंडी में भी सोमवार को यही स्थिति सामने आने पर किसान आक्रोशित हो गए और मंडी बंद करते हुए उन्होंने चक्काजाम कर दिया।मार्ग बंद होने की वजह से नागरिकों को बड़ी परेशानीयो का सामना करना पड़ा। मौके पर टीआई रामनारायणसिंह भदौरिया एवं तहसीलदार लखन सोनानिया भी पहुंचे थे।
विधायक बोले प्रशासन का फेलियर-किसानों द्वारा चक्का जाम की जानकारी लगने पर कांग्रेस विधायक महेश परमार मौके पर पहुंचे एवं किसानों से मिले और उनकी परेशानियों को सुना। विधायक परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जिले में किसान परेशान हो रहे हैं उन्हें उपज का भाव नहीं मिल रहा है और किसानों को 3 घंटे तक सड़क पर बैठना पड़ रहा। यह प्रशासन का फेलियर है। अधिकारी भ्रष्टाचार करने में लगे हैं दो बार कलेक्टर से फोन पर बात की फिर भी मंडी सचिव एवं एसडीएम मौके पर नहीं पहुंचे। अधिकारियों का जनता,किसानों से कोई सरोकार नहीं है।
एसडीएम बोले गलतफहमी से रूकी निलामी-एसडीएम अनिरुद्ध मिश्रा ने बताया कि तराना मंडी में किसानों और व्यापारियों के बीच गलतफहमी के चलते नीलामी रुक गई थी व्यापारी प्रतिनिधियों एवं किसानों से चर्चा कर सभी को आश्वासन दिया है की सही रेट पर नीलामी होगी शाम करीब 5:00 बजे एस डी एम तराना के द्वारा मुहूर्त की बिकवाली करवा कर नीलामी शुरू करवाई है।