उज्जैन। सिंहस्थ 2028 में आने वाले श्रद्धालुओं को यहां आने से पूर्व इंदौर –उज्जैन संभाग के सीमावर्ती जिलों में होल्डिंग के प्लान बी को लेकर प्रशासन की तैयारी जारी है। शाजापुर, रतलाम, देवास, नीमच जिलों के होल्डिंग प्लान को फाइनल किया गया तथा शेष जिलों से एक सप्ताह में प्लान बनाकर प्रस्तुत करने के लिए कहा गया। इसी के तहत ट्रैफिक कंट्रोल एवं श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उज्जैन एवं इंदौर संभाग के सीमावर्ती जिलों में उन मार्गों पर, जो उज्जैन से सीधे जुड़ते हैं, वहां बड़े होल्डिंग एरिया बनाए जाएंगे।इस सिलसिले में मेला अधिकारी सह संभागायुक्त आशीष सिंह एवं एडीजी राकेश गुप्ता ने उज्जैन संभाग के सभी कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षकों से बैठक में रूबरू चर्चा की है। इसके साथ ही इंदौर, धार, सीहोर जिलों के कलेक्टरों से ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़कर होल्डिंग एरिया चिन्हित किए जाने तथा उनकी प्लानिंग के बारे में जाना।
4 जिलों में फायनल,शेष में एक सप्ताह में-बैठक में शाजापुर, रतलाम, देवास, नीमच जिलों के होल्डिंग प्लान को फाइनल किया गया तथा शेष जिलों से एक सप्ताह में प्लान बनाकर प्रस्तुत करने के लिए कहा गया। बैठक में इंदौर कलेक्टर द्वारा बताया गया कि भंवरासा, बरलाई, खंडवा रोड पर तथा धार रोड पर होल्डिंग एरिया प्रस्तावित किया गया है।
ग्रीन फिल्ड हाईवे पर भी बनेगा-उन्हें संभागायुक्त श्री सिंह ने नए बन रहे इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड हाईवे पर भी होल्डिंग के लिए स्थान चिन्हित करने के लिए कहा है। साथ ही निर्देशित किया गया है कि उज्जैन की तरफ आने वाले मार्गों की लेफ्ट साइड में ही अधिकांश होल्डिंग एरिया बनाए जाएं।
सिहोर एवं धार जिले में भी बनेंगे-सीहोर जिले में 10 होल्डिंग एरिया चिन्हित किए गए हैं, जिनमें 07 बड़े हैं। कुल 119 हेक्टेयर में वाहनों के लिए होल्डिंग एरिया बनाया जाएगा। सीहोर में आष्टा, सीहोर, डोडी आदि स्थानों पर होल्डिंग बनाए जाएंगे। धार जिले में कलमाड़ा खुर्द, बदनावर, मसावदा, केसूर में 104 हेक्टेयर में होल्डिंग प्रस्तावित है। नीमच जिले में नयागांव में तथा रतलाम जिले में 03 स्थानों पर कुल 27 हेक्टेयर में होल्डिंग एरिया बनाया जाना प्रस्तावित है। देवास जिले में 04 होल्डिंग एरिया चिन्हित किए गए हैं। इनमें गोपाल चौराहा, सोनकच्छ, शिप्रा, राजोदा और चापड़ा में होल्डिंग एरिया बनेगा। मंदसौर में 54 हेक्टेयर में 03 स्थान चिन्हित किए गए हैं। इन होल्डिंग एरिया में श्रद्धालुओं के रूकने के साथ सभी प्रकार की सुविधाएं जुटाई जाएंगी।