बड़नगर। हमें जीवन में सदाचार का मार्ग अपनाना चाहिए। वेद मार्ग लोक कल्याण का मार्ग है। हमें अपने बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ आध्यात्मिक शिक्षा भी देना चाहिए। संयुक्त परिवार में रहना सीखना चाहिए, क्योंकि वहीं संस्कारों का उदय होता है। हमारे घरों में नित्य घर सभा होना चाहिए। फास्ट फूड और जंक फूड से बच्चों को दूर रखना चाहिए। मां अपने बच्चों को अपने हाथों से बना भोजन खिलाए, जिससे वात्सल्य भाव उत्पन्न होता है। उक्त उद्गार स्वामी नारायण संप्रदाय के संत सुदर्शन स्वामीजी ने व्यक्त किए। उनके साथ भक्ति मंगल स्वामीजी भी उपस्थित थे। दोनों संत जयपुर से पधारे थे। उन्होंने यह विचार स्वामी नारायण संप्रदाय के भक्त पंडित रामनिवास नवहाल के निज निवास पर व्यक्त किए। इस अवसर पर स्वामीजी का चरण पूजन सत्यनारायण शर्मा, सवारियां शर्मा,अरविंद व्यास,शेरसिंह झाला, हीरालाल चौहान एवं रामनिवास नवहाल ने किया। स्वस्ति वाचन राजकुमार शर्मा ने किया। अंत में स्वामीजी का आभार श्रीनाथ नवहाल ने माना।
सदाचार और संस्कारयुक्त जीवन अपनाने का संदेश