यश स्टारर फिल्म टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स विवादों में फंस गई है। फिल्म को लेकर सोशल एक्टिविस्ट दिनेश कल्लाहल्ली ने सेंट्रल बोर्ड आॅफ फिल्म सर्टिफिकेशन में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने टीजर में मौजूद कुछ सीन को अश्लील, आपत्तिजनक और नैतिक मूल्यों के खिलाफ बताया है।
एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सीबीएफसी चेयरपर्सन प्रसून जोशी को की गई शिकायत में सोशल एक्टिविस्ट ने कहा कि टॉक्सिक के टीजर में बहुत ज्यादा अश्लील, सेक्सुअली एक्सप्लिसिट और वल्गर सीन हैं। जो खुले तौर पर सोशल मीडिया पर मौजूद हैं। इससे बच्चे और युवा भी ऐसे कंटेंट देख रहे हैं, जो कानून और समाज दोनों के लिए ठीक नहीं है।
एक्टिविस्ट का कहना है कि यह टीजर अभिव्यक्ति की आजादी की सीमा से बाहर है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि अश्लील और सेक्सुअली एक्सप्लिसिट कंटेंट को संवैधानिक सुरक्षा नहीं मिलती।
उन्होंने सिनेमैटोग्राफ एक्ट 1952, फिल्म सर्टिफिकेशन नियमों और सीबीएफसी की गाइडलाइंस का भी हवाला दिया। उनका कहना है कि फिल्मों, ट्रेलरों और प्रमोशनल कंटेंट में शालीनता, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी के मानकों का पालन होना चाहिए। शिकायत में सीबीएफसी से टीजर को रिव्यू करने, आपत्तिजनक सीन हटाने और उसके प्रसार पर रोक लगाने की मांग की है। साथ ही फिल्म टॉक्सिक से जुड़े डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ जरूरी कानूनी और नियम के अनुसार कार्रवाई की भी अपील की गई है। शिकायत में आगे कहा गया है कि इस मामले पर तुरंत ध्यान दिया जाना चाहिए क्योंकि यह मुद्दा पब्लिक मोरेलेटी, बच्चों की सुरक्षा और कानून के पालन से जुड़ा है।
फिल्म के मेकर्स की ओर से अभी तक इस शिकायत पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इस फिल्म को वेंकट के. नारायण और यश ने ङश्ठ प्रॉडक्शंस और मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के बैनर तले प्रोड्यूस किया है।
इस फिल्म को वेंकट के. नारायण और यश ने ङश्ठ प्रॉडक्शंस और मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के बैनर तले प्रोड्यूस किया है।
अअढ महिला विंग ने भी शिकायत दर्ज कराई
टॉक्सिक का टीजर 8 जनवरी को जारी किया गया था। टीजर में यश के किरदार को एक कार के अंदर एक महिला के साथ एक बोल्ड सीन में दिखाया गया है। इस सीन को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया है।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार आम आदमी पार्टी (अअढ) की महिला विंग ने टीजर के खिलाफ कर्नाटक राज्य महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई है।
पार्टी का आरोप है कि टीजर में दिखाया गया सीन अश्लील है और इससे महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचती है। साथ ही यह बच्चों और समाज पर गलत असर डालता है। महिला विंग ने टीजर को सोशल मीडिया से हटाने और भविष्य में ऐसे कंटेंट पर सख्त कानून बनाने की मांग की है।
राज्य महिला आयोग ने मामले पर संज्ञान लिया
टाइम्स आॅफ इंडिया के अनुसार, अअढ की शिकायत के बाद कर्नाटक राज्य महिला आयोग ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (उइऋउ) को पत्र भेजा है और टीजर को लेकर जरूरी कार्रवाई करने की मांग की है।
आयोग ने कहा है कि फिल्म के टीजर में दिखाए गए कुछ विजुअल्स अश्लील और आपत्तिजनक हैं, जो महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक भलाई के लिए भी नुकसानदेह हैं।
महिला आयोग का कहना है कि बिना सेंसर और बिना किसी चेतावनी के टीजर को सार्वजनिक करना महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाता है और कन्नड़ संस्कृति का अपमान भी करता है।
आयोग ने उइऋउ से नियमों के तहत टीजर की समीक्षा कर इस मामले में रिपोर्ट सौंपने का अनुरोध किया है।
टॉक्सिक और धुरंधर एक ही दिन रिलीज होंगी
गौरतलब है कि यश की पिछली दो फिल्में केजीएफ और केजीएफ 2 सुपरहिट साबित हुई थीं। हालांकि, इस बार राह इतनी आसान नहीं दिख रही है। उनकी फिल्म टॉक्सिक 19 मार्च को धुरंधर 2 के साथ रिलीज होने वाली है।
धुरंधर का पहला पार्ट सुपरहिट रहा और इसने दुनियाभर में 1250 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई की है। अभी भी फिल्म चल रही है। ऐसे में दोनों फिल्मों की एक ही दिन रिलीज होने से टॉक्सिक को कड़ा मुकाबला मिल सकता है।
यश की फिल्म ङॠऋ ने 250 करोड़ रुपए और ङॠऋ 2 ने दुनिया भर में 1,215-1,250 करोड़ रुपए का बिजनेस किया था।
यश की फिल्म ङॠऋ ने 250 करोड़ रुपए और ङॠऋ 2 ने दुनिया भर में 1,215-1,250 करोड़ रुपए का बिजनेस किया था।
वहीं, यश मूल रूप से कन्नड़ एक्टर हैं, लेकिन उनके गृह राज्य कर्नाटक में ही फिल्म को लेकर विरोध सामने आ रहा है।
सोशल एक्टिविस्ट द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई है और महिला आयोग ने भी टीजर को लेकर मिली शिकायतों पर संज्ञान लिया है। इन विवादों के चलते फिल्म मुश्किलों में फंसती नजर आ रही है और इसका असर फिल्म के बिजनेस पर भी पड़ सकता है।