सुसनेर। मध्यप्रदेश स्टेट बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष रामेश्वर निखरा अपने अल्प प्रवास पर सुसनेर पहुंचे, जहां उन्होंने अभिभाषक संघ सुसनेर के वरिष्ठ एवं कनिष्ठ अधिवक्ताओं से मुलाकात कर उनकी समस्याओं के बारे में विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने वर्तमान में न्यायिक व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों और अधिवक्ताओं को आ रही कठिनाइयों पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया। बैठक में अभिभाषक संघ सुसनेर एवं नलखेड़ा के अधिवक्ताओं ने बताया कि सुसनेर अनुभाग में पदस्थ अनुविभागीय अधिकारी एवं दंडाधिकारी की कार्यशैली तथा कथित अनुचित व्यवहार से वे असंतुष्ट हैं।
इसी के विरोध में अधिवक्ताओं द्वारा अनुविभागीय न्यायालय का बहिष्कार किया जा रहा है और न्यायालय में उपस्थिति दर्ज नहीं कराई जा रही है। अधिवक्ताओं का कहना है कि इस स्थिति के कारण आम जनता, पक्षकारगण एवं स्वयं अधिवक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है तथा न्यायिक कार्यों में अनावश्यक विलंब हो रहा है।
रामेश्वर निखरा ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि इस विषय को उच्च स्तर पर उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभिभाषक संघ की समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए आवश्यक पहल की जाएगी, ताकि न्यायिक कार्य सुचारु रूप से संचालित हो सकें और आमजन को राहत मिल सके। ज्ञातव्य है कि निखरा एक दशक से अधिक समय तक मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष पद पर रहे हैं तथा विभिन्न महत्वपूर्ण पदों का दायित्व संभाल चुके हैं। वर्तमान में भी वे संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस अवसर पर अभिभाषक संघ सुसनेर के अध्यक्ष रुपनारायण श्रीवास्तव, चंद्रशेखर शर्मा, पूर्व अध्यक्ष राणा चितरंजन सिंह, पूर्व अध्यक्ष दशरथ सिंह सिसौदिया, राजेश श्रीवास्तव, गजेंद्र कुमार बजारिया, नरेंद्र सिंह यादव, शिवसिंह सिसौदिया, महेश राठोर, शिवनारायण दोवड़ा, केलाश चौहान सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे। उक्त जानकारी अभिभाषक संघ सुसनेर के सचिव पूरसिंह सिसौदिया द्वारा प्रदान की गई।
म.प्र. स्टेट बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष रामेश्वर निखरा ने अभिभाषक संघ से की मुलाकात