उज्जैन। रेलवे अपनी ट्रेनों में सुविधा दे रहा है लेकिन उसके कर्मचारियों की नजरअंदाजी की वजह से इन सुविधाओं का लाभ यात्रियों को नहीं मिल पा रहा है। हालत यह है कि ग्रीष्म काल में लंबी दूरी की ट्रेनों में भी कर्मचारी नदारद हो रहे हैं। इससे यात्रियों को परेशानियों के दौर में यात्रा करना पड रही है। वेकेशन में बगैर टिकिट यात्री रिजर्वेशन कोच के यात्रियों को ऐसे में परेशानी पैदा कर रहे हैं।
सोमवार को दोपहर में उज्जैन से रवाना हुई मालवा एक्सप्रेस में ऐसा ही मामला सामने आया है। हालत यह रही की जीआरपी एवं आरपीएफ तो ट्रेन में पहुंच गई लेकिन कोच टीसी देर रात तक नदारद था। इसके चलते यात्रियों को समस्या से दो चार होना पडा है। यहां तक की बारिश के कारण कोच में पानी भरने पर यात्रियों को ही इसे लेकर शिकायत करना पडी। टीसी की नदारदी से यात्रियों को परेशानियों के दौर में यात्रा करना पडी है।
उज्जैन से भोपाल के बीच अवैध यात्रा-
उज्जैन से चली ट्रेन में अगले स्टेशनों पर स्लीपर कोच में कई सामान्य यात्री सवार हो गए । इनमें से कई के पास टिकिट भी नहीं थे।सिहोर पहुंचने के बाद तो ट्रेन का स्लीपर कोच एस-2 पूरी तरह से जनरल बनकर रह गया था। ऐसे यात्रियों द्वारा रेलवे नियमों के विपरित गतिविधि की जाती रही। इसे लेकर आरक्षित यात्रियों द्वारा 139 पर काल करने पर व्यवस्था ठप्प ही मिली। बाद में ये यात्री भोपाल में कोच से उतर गए। इसके बाद आगे के लिए यात्रा वाले जनरल यात्री सवार होते रहे । आरक्षित यात्री देर रात तक इसके चलते परेशान होते रहे।
वाश रूम गंदा,पानी घुसा-
ट्रेन का वाशरूम ट्रेन के उज्जैन से रवाना होने के दौरान ही पूरी तरह से गंदा था। उसकी ठीक से सफाई ही नहीं की गई थी न ही उसे वाश किया गया था। इसके चलते महिलाओं को परेशानी हो रही थी। एस-2 कोच में यात्रा करने वाले यात्रियों को अन्य कोच के वाशरूम का सहारा लेना पड रहा था। यही नहीं भोपाल के आगे ट्रेन के पहुंचने पर बारिश के चलते कोच में अंदर पानी भर गया। कोच के 1 से लेकर 16 नंबर सीट तक के यात्रियों को इससे जमकर परेशानी हुई। कुछ यात्रियों ने इसे लेकर शिकायत दर्ज करवाई उसके बाद रेलवे की और से सफाई कर्मचारी को भेजकर पानी निकलवाया गया।