महाकाल की सवारी में स्वदेशी पोर्टेबल कैमरों से निगरानी -पांच स्थानों पर लगाये थे, एक माह में आरक्षक ने किये तैयार

उज्जैन। बाबा महाकाल की पांचवीं सवारी में सोमवार को पांच स्थानों पर स्वदेशी पोर्टेबल कैमरों से निगरानी की गई। कैमरों को रेडियो शाखा में पदस्थ प्रधान आरक्षक ने एक माह में तैयार किया था। सवारी में शामिल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैमरे देखे तो आरक्षक के नवाचार की सराहना कर पीठ थपथपाई।
एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि धार्मिक नगरी में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन को लेकर पूरे शहर में सीसीटीवी कैमरे लगे है, बावजूद बाबा महाकाल की पांचवी सवारी में पांच स्थानों पर बिना बिजली से चलाने वाले पांच स्वदेशी पोर्टेबल सीसीटीवी कैमरे लगाकर निगरानी की गई। स्वेदशी कैमरे पुलिस विभाग की रेडियो शाखा में पदस्थ प्रधान आरक्षक गौरव जयसवाल द्वारा तैयार किये गये है, जो सवारी मार्ग पर पूरी तरह कारगर साबित रहे। पांचों स्वदेशी कैमरे सवारी मार्ग गुदरी चौराहा, हरसिद्धि पाल, रामघाट, रामानुजकोट और कमरी मार्ग पर लगाये गये थे। प्रधान आरक्षक द्वारा एक माह की मेहनत के बाद पांच कैमरे तैयार किये गये थे। 10 कैमरे ओर तैयार कराये जा रहे है, जिनका उपयोग शहर में प्रमुख स्थानों पर लगाकर किया जायेगा। सवारी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुये थे, जिन्हे स्वदेशी कैमरों से अगवत कराया गया, उन्होने कम लागत में कैमरे तैयार करने वाले प्रधान आरक्षक सराहना करते उज्जवल भविष्य की कामना की।
बिना बिजली 24 घंटे होगी निगरानी
स्वेदशी पोर्टेबल कैमरे बिना बिजली 24 घंटे निगरानी रख सकता है। कैमरे को सोलर पैनल, बेटरी और सीम के साथ डिजाइन किया गया है। दिन में सौर उर्जा से चार्ज होता है, जहां वाईफाई या इंटरनेट नहीं होता है वहां सीम कार्ड के माध्यम से फोन पर लाइव फुटेज देखी जा सकती है। कैमरे में किसी तरह की वायरिंग या बिजली बोर्ड की जरूरत नहीं होती है।
कम लागत में हाईटेक विकल्प
पोर्टेबल होने के कारण कैमरे को आवश्यकता के अनुसार अलग-अलग संवेदनशील स्थानों पर आसानी से स्थापित किया जा सकता है। कम लागत में तैयार यह स्वदेशी समाधान बड़े धार्मिक आयोजनों, जुलूसों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पुलिसिंग को तकनीक से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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