नरक्षक पदोन्नति में नियम ल्लंघन का आरोप,वरिष्ठों की उपेक्षा: संघ ने किया अभ्यावेदन

खरगोन। मध्यप्रदेश वन कर्मचारी संघ की जिला शाखा ने खंडवा वन वृत्त में वनपाल पद पर हुई पदोन्नति में नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए वन संरक्षक को अभ्यावेदन प्रस्तुत किया है। संघ ने 16 जुलाई को दिए अपने अभ्यावेदन में कहा है कि पदोन्नति आदेश में मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025 के नियम 11 (3) का पालन नहीं किया गया है। संघ के अनुसार, इस कारण वरिष्ठ एवं पात्र वनरक्षकों को पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पाया, जबकि 10 से 12 वर्ष कनिष्ठ कर्मचारियों को पदोन्नत कर दिया गया।संघ ने यह भी आपत्ति दर्ज कराई है कि प्रधान मुख्य वन संरक्षक के 15 जुलाई 2015 के निर्देशानुसार सीधी भर्ती के वनरक्षकों की वरीयता उनके समेकित योग्यता क्रम के अनुसार निर्धारित नहीं की गई, बल्कि नियुक्ति आदेश के आधार पर की गई। अभ्यावेदन में बताया गया है कि पदोन्नति आदेश से पहले वृत्त स्तर पर वनरक्षकों की समेकित वरीयता सूची का प्रकाशन नहीं किया। न ही इस संबंध में दावा-आपत्तियां मांगी गईं। इसके अतिरिक्त, स्वयं के व्यय पर स्थानांतरित कर्मचारियों को भी वरीयता में कनिष्ठ क्रम में रखा गया, जिससे जिले और वृत्त स्तर पर बनी वरीयता सूची में भिन्नता और त्रुटि है।संघ ने मांग की है कि मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025 के नियम 5 तथा नियम 11 (3) के अनुसार आरक्षित पदों को कम करते हुएए वरिष्ठता सह उपयुक्तता के आधार पर वरिष्ठ एवं पात्र वनरक्षकों को पदोन्नति का लाभ दिया जाए। साथ ही, वृत्त स्तर पर वनरक्षकों की समेकित वरीयता सूची मेरिट के आधार पर बनाकर पुन: परीक्षण किया जाए और संशोधित पदोन्नति आदेश पारित किए जाएं।

Share:

संबंधित समाचार

Leave a Comment