सारंगपुर।सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सेवारत शिक्षकों के लिए अनिवार्य की गई शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर असमंजस और विरोध की स्थिति बनी हुई है। सारंगपुर विकासखंड में मुश्किल से 10 फीसदी शिक्षकों ने ही फॉर्म भरे हैं, क्षेत्र से करीब 1000 शिक्षकों की संख्या है। इनमें से लगभग 25 सरकारी और करीब 100 निजी स्कूलों के शिक्षको आवेदन किए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार टीईटी आवेदन की अंतिम तारीख को तीसरी बार बढाकर 11 अक्टूबर किया गया था, जबकि 12 अक्टूबर तक फॉर्म में संशोधन का आखिरी मौका था। पहली टीईटी कराने का फैसला अगस्त 2026 में लिया गया। 17 अगस्त 2026 को मप्र कर्मचारी चयन मंडल ने नोटिफिकेशन जारी किया और 21 अगस्त से आवेदन शुरू हुए।शिक्षकों के विरोध और कम आवेदनों के बाद परीक्षा एजेंसी में बदलाव की चर्चा शुरू हुई। लोक शिक्षण संचालनालय और माध्यमिक शिक्षा मंडल के बीच हुई बैठक में तय हुआ कि सिलेबस, प्रश्नपत्र और ब्लूप्रिंट एमपी बोर्ड तैयार करेगा, जबकि ऑनलाइन परीक्षा पैटर्न और तकनीकी समन्वय कर्मचारी चयन मंडल संभालेगा। एजेंसियों के इसी तालमेल और नीतिगत उलझन में पूरा साल निकल गया।
करीब 10 फीसदी शिक्षकों ने भरे फॉर्म :इस साल परीक्षा नहीं हुई तो बचेंगे सिर्फ 4 अवसर