उज्जयिनी शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल आज से, देश-विदेश की फिल्मों की होगी स्क्रीनिंग 232 भारतीय और 8 अंतरराष्ट्रीय प्रविष्टियां प्राप्त, विभिन्न श्रेणियों में मिलेंगे एक लाख रुपए तक के पुरस्कार

उज्जैन। उज्जयिनी शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल 2026 का आयोजन 24 और 25 अक्टूबर को उज्जैन में किया जाएगा। दो दिवसीय महोत्सव में देश के विभिन्न हिस्सों के साथ विदेशों से प्राप्त फिल्मों की स्क्रीनिंग होगी। फिल्म निर्माण, पटकथा लेखन, अभिनय और सिनेमा की सामाजिक भूमिका जैसे विषयों पर विशेषज्ञ विचार साझा करेंगे। महोत्सव में उत्कृष्ट फिल्मों को विभिन्न श्रेणियों में एक लाख रुपए तक की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया जाएगा।
विश्व संवाद केंद्र मालवा तथा सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन के सतत शिक्षा अध्ययनशाला, कला शिक्षा विभाग और पत्रकारिता एवं जनसंचार अध्ययनशाला के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव के चौथे संस्करण के लिए 232 भारतीय लघु फिल्मों के साथ आठ अंतरराष्ट्रीय प्रविष्टियां प्राप्त हुई हैं। विशेषज्ञ निर्णायक मंडल ने मूल्यांकन के बाद प्रदर्शन के लिए फिल्मों का चयन कर लिया है। शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में महोत्सव की जानकारी दी गई।आज होगा उद्घाटन..महोत्सव का उद्घाटन आज शनिवार, 24 अक्टूबर को सुबह 10 बजे सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती सभागार में होगा। उद्घाटन सत्र में प्रज्ञा प्रवाह के अखिल भारतीय संयोजक जे. नंदकुमार, विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज तथा फिल्म धुरंधर के अभिनेता एवं रंगकर्मी संजय मेहता अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
उद्घाटन सत्र में भारतीय समाज के निर्माण में सिनेमा की भूमिका और भारतीय सांस्कृतिक दृष्टिकोण की अभिव्यक्ति जैसे विषयों पर विचार रखे जाएंगे। इसके बाद फिल्म निर्माण, पटकथा लेखन और सिनेमा से जुड़े अन्य विषयों पर विशेषज्ञों के सत्र आयोजित होंगे।
चीन, ब्रिटेन और अमेरिका से भी मिलीं प्रविष्टियां
महोत्सव के लिए प्राप्त आठ अंतरराष्ट्रीय प्रविष्टियों में चीन, ब्रिटेन और अमेरिका सहित विदेशों की फिल्में शामिल हैं। चयनित फिल्मों में भारतीय संस्कृति, लोक एवं जनजातीय परंपराओं, नारी शक्ति, परिवार, इतिहास, सिंहस्थ, पर्यावरण, नागरिक कर्तव्यों और समकालीन सामाजिक विषयों से जुड़ी कहानियां देखने को मिलेंगी।फिल्म स्क्रीनिंग के साथ होंगे संवाद सत्रमहोत्सव में शॉर्ट फिल्म, एआई फिल्म, माइक्रो ड्रामा और विज्ञापन फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ मास्टरक्लास, परिचर्चाएं और संवाद सत्र भी होंगे।
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