अभिरक्षा में महिला, साथियों की तलाश में दबिश ट्रेक्टर चलाने से रोकने पर खूनी विवाद, 1 की मौत

उज्जैन। खेत में ट्रेक्टर चलाने से रोकने पर शनिवार को खूनी विवाद हो गया। एक पक्ष ने खेत मालिक और उसके साथी पर हमला कर दिया। मालिक घायल हो गया, साथी की मौत हो गई। पुलिस ने तत्काल घटनास्थल पहुंचकर महिला को अभिरक्षा में लिया। उसके साथियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
मामला घट्टिया तहसील के ग्राम बिछडौद का है। यहां रहने वाली बंजारा समाज की महिला गीताबाई ट्रेक्टर लेकर खेत हाकने पहुंची थी। इसी दौरान वहां खेत मालिक गुलाम नबी उर्फ बाबू छीपा निवासी इंदौर अपने साथी मुजीब पिता समद मंसूरी 55 साल निवासी शाजापुर के साथ पहुंचा। उसने अपने खेत में गीताबाई को ट्रेक्टर चलाते देखा तो रोकने का प्रयास किया। जिसके चलते उनके बीच विवाद हो गया और गीताबाई ने ट्रेक्टर चालक और 2 अन्य साथियों के साथ मिलकर हमला कर दिया। पत्थर, दराते से हमले में गुलाम नबी और मुजीब मंसूरी घायल हो गये। उन्होने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लाया गया, जहां से उज्जैन रैफर कर दिया गया। दोनों को चरक अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद मुजीब मंसूरी को मृत घोषित कर दिया। घटनाक्रम की जानकारी लगने पर घट्टिया थाना प्रभारी करण खोवाल टीम के साथ मौके पर पहुंच गये थे। गीताबाई को अभिरक्षा में लिया गया, ट्रेक्टर चालक और अन्य साथी भाग निकले थे। जिनकी तलाश में एक टीम द्वारा उनके ठिकानों पर तलाश के लिये दबिश देने पहुंची। इधर चरक अस्पताल में मृतक का शव पोस्टमार्टम कक्ष में रख घायल गुलाम नबी को उपचार के लिये भर्ती किया गया। थाना प्रभारी के अनुसार घायल के बयान दर्ज कर मामला दर्ज किया जायेगा। मृतक का रविवार सुबह पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंपा जायेगा।
सालों से गीताबाई की निगरानी में था खेत
बताया जा रहा है कि गुलाम नबी का पैतृक गांव बिछडौद है। वह कुछ साल पहले इंदौर रहने चले गये थे। उनके खेत की निगरानी गीताबाई और उसका परिवार करता था। जानकारी सामने आई है कि गीताबाई ने खेत पर कब्जा जमा लिया था। वह कब्जा छोड़ना नहीं चाहती थी। गुलाम नबी के और उसके साथी मुजीब मंसूरी के पहुंचने पर विवाद बढ़ गया था। फिलहाल पुलिस विवेचना की बात कहीं रही है। जिसके पूरी होने पर विवाद का सही कारण सामने आ पायेगा।
अचानक बिछडौद पहुंचे थे दोनों दोस्त
घायल गुलाम नबी उर्फ बाबू छीपा ने बताया कि वह शाजापुर अस्पताल में भर्ती अपने रिश्तेदार को देखने गया था। जहां दोस्त मुजीब मंसूरी मिला। दोनों उज्जैन के लिये आ रहे थे, इस दौरान तराना होते हुये अपने गांव बिछडौद स्थित खेत पहुंचे, जहां खेत में ट्रेक्टर चलता देखा तो उसे रोकने का प्रयास किया था। उसी दौरान उन पर हमला हुआ। जिसमें दोस्त की जान चली गई।

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