उज्जैन। शहर में कम दबाव से पेयजल प्रदाय की शिकायत मिलने पर रविवार को नगर निगम का शासन एवं प्रशासन दोनों ने आमजन की सूध ली। इस दौरान नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने पीएचई कंट्रोल रूम की बखिया उधेडी तो महापौर मुकेश टटवाल ने फिल्टर प्लांट पर अधिकारियों से जानकारी लेते हुए पानी की जांच करवाई एवं हिदायत दी।
पिछलें कुछ दिनों से शहर में कम दबाव से पेयजल प्रदाय के कारण आम उपभोक्ता को परेशानी का सामना करना पड रहा था। रविवार को एमआईसी सदस्य शिवेंद्र तिवारी एवं रजत मेहता द्वारा क्षेत्रों से बराबर मिल रही समस्या से निगम आयुक्त को टंकी नहीं भर पाने के कारण वार्डो में हुई पेयजल व्यवस्था से अवगत कराया गयाथा। इसके बाद ही नगर निगम शासन पक्ष से महापौर एवं प्रशासन पक्ष से आयुक्त ने सिरे से ही पीएचई के काम को नब्ज से पकडने की कवायद की है।
देवासगेट टंकी का सप्लाय लेवल कम मिला-
आयुक्त मिश्रा द्वारा देवासगेट पानी की टंकी स्थित कंट्रोल रूम में पहुंचकर शहर की पेयजल व्यवस्था हेतु संबंधित कंट्रोल रूम प्रभारी से सप्लाय रजिस्टर में सभी टंकियों के पूर्ण रूप से जल सप्लाई की जानकारी ली गई। सामने आया कि देवास गेट पानी की टंकी पर सप्लाय लेवल कम था जिससे रविवार को सम्बन्धित वार्डो में पेयजल व्यवस्था प्रभावित पायी गई। भेरूगढ़, इंदिरा नगर, क्षीर सागर पानी की टंकी में पानी का सप्लाई लेवल सही पाया गया ।
सप्लाय के दौरान मानिटरिंग करें-
निगमआयुक्त ने पीएचई के कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री को निर्देशित किया गया कि रात्रिकालीन शिफ्ट में टंकी प्रभारी सप्लाई के समय मॉनिटरिंग करें। सभी पेयजल टंकिया उच्च क्षमता के साथ पूर्ण रूप भरे , जिससे नागरिकों के घरों में पेयजल पूरे दबाव से मिले और उन्हें किसी भी तरह की दिक्कत नहीं आए। नागरिकों के घरों में शुद्ध पेयजल सप्लाय किया जाए। शहर के आंतरिक मार्गों के सभी चौड़ीकरण मार्गों पर जल सप्लाय के दौरान भी पीएचई के अधिकारी मॉनिटरिंग कार्य करे। यदि मार्ग में लाइन लीकेजिंग संबंधित कोई समस्या आती है तो उसे त्वरित निराकरण करें। गंभीर एवं गऊघाट जल यंत्रालय के द्वारा नए एवं पुराने शहर में 44 टंकियां में जल सप्लाई किया जाता है।
फिल्टर प्लांट पर सभी पंप चालू मिले-
महापौर गऊघाट स्थित जल यंत्रालय फिल्टर प्लांट का निरीक्षण करने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान प्लांट के सभी पंप चालू अवस्था में पाए गए साथ ही पानी की शुद्धता की भी जांच की गई जिसमें पानी साफ एवं स्वच्छ पाया गया। अधिकारियों ने बताया कि गऊघाट फिल्टर प्लांट के साथ-साथ अंबोदीया प्लांट के सभी पंप चालू अवस्था में है। प्लांट पर कभी-कभी विद्युत सप्लाई बाधित होने के कारण पंप बंद हो जाते हैं जिसके कारण प्रेशर पूरा नहीं मिल पाता है। शहर में मार्ग चौड़ीकरण एवं निर्माण कार्य प्रचलित है जिसके कारण पीएचई की लाइन क्षतिग्रस्त एवं लीकेज हो जाता है जिसका समय रहते संधारण कार्य कर लिया जाता है । वर्तमान में गंभीर डेम में 608 एमसीएफटी पानी की क्षमता है जिससे 60 दिन तक जलप्रदाय किया जा सकता है।