उज्जैन। शहरी क्षेत्र में मंगलवार देर शाम को आकस्मिक रूप से पेट्रोल एवं डीजल की मांग बेहिसाब बढ गई। वाहन चालक अपने कामों को छोडकर पेट्रोल पंपों पर ऐसे पहुंचे जैसे आगे मिलेगा ही नहीं। पेट्रोल पंपों पर लंबी कतार लग गई। यहां तक की संबंधित थाना क्षेत्र की पुलिस को व्यवस्था के लिए लगना पडा। कुछ क्षेत्रों में पुलिस ने अफवाह पर ध्यान न देने की उद्घोषणा भी की है। जिला आपूर्ति अधिकारी शालू वर्मा ने साफ कहा हमारे पास भरपूर पेट्रोल –डीजल उपलब्ध है। अफवाहों पर ध्यान न दिया जाए। आवश्यकता के अनुसार ही पेट्रोल-डीजल वाहनों में लें।
मंगलवार को पेट्रोल-डीजल के दामों को लेकर अफवाहों ने देर शाम को जोर पकड लिया । इसे लोगों ने वैश्विक समस्या से जोडकर देख लिया और आगे वाहनों के इंधन को लेकर आपूर्ति की अफवाहों को जोर मिलता गया। एक से दुसरे तक पहुंची अफवाहों के चलते देर शाम को देखते ही देखते पेट्रोल पंपों पर भीड जुटने लगी और वाहनों की कतार लंबी होती चली गई। देर रात तक पेट्रोल पंपों पर यही हाल देखा गया है।
जिले में पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल-डीजल-
जिला आपूर्ति अधिकारी शालू वर्मा ने बताया कि जिले में करीब 150 पेट्रोल पंप संचालित हो रहे हैं। इनमें से मात्र शहरी क्षेत्र एवं पास के अनुभाग में ही अफवाहों ने जोर पकडा और देर शाम से पेट्रोल पंपों पर वाहनों की कतार लग गई। रिजर्व के लिए लोगों ने जरूरत से भी अधिक पेट्रोल एवं डीजल की मांग रखना शुरू कर दिया।जिले में मंगलवार तक 16 हजार किलो लीटर पेट्रोल एवं 25 हजार किलो लीटर डीजल उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त डिपो में दो माह का पेट्रोल एवं डीजल रखा हुआ है। आपूर्ति में भी किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है। एक दम से इस प्रकार से आवश्यकता नहीं होने के बावजूद मांग होने पर पेट्रोल पंपों पर स्थिति बिगडने के हालात बने हैं। आपूर्ति बिल्कुल सामान्य है। उन्होंने साफ कहा कि पेट्रोल पंपों पर लोग केन डिब्बों एवं ड्रम लेकर डीजल लेने पहुंच रहे हैं जिस पर रोक के लिए कहा गया है। उन्होंने आम उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे दैनिक उपयोग जितना ही पेट्रोल –डीजल लें,अफवाहों पर ध्यान न दें।
लोग उलझते रहे पेट्रोल –डीजल लेने को-
पंपों पर पेट्रोल एवं डीजल लेने के लिए लगी लंबी लाईनों के चलते वाहन चालक कई जगह पर आपस में उलझते देखे गए। इस दौरान बोलचाल एवं गाली गलौज तक देखी गई। संबंधित थाना पुलिस के लिए भी काम बढ गया। पेट्रोल पंपों पर इसके चलते स्टाफ की तैनाती कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई।
पुलिस ने की उद्घोषणा-
देवासगेट क्षेत्र में इन हालातों को देखते हुए संबंधित थाना पुलिस के जवान हाथों में लाउड स्पीकर लेकर मैदान में उतरे और उन्होंने अपने क्षेत्र के पंपों पर पहुंचकर वहां पेट्रोल –डीजल लेने के लिए खडी भीड को अफवाहों पर ध्यान न देने के लिए आगाह करते हुए सचेत किया। इसके बावजूद भीड बराबर पंपों पर बनी रही।
पंप बंद हुए तो अफवाह और बढी-
इधर समय पर बंद होने वाले पेट्रोल पंपों के कारण अफवाह ने और जोर पकड लिया कि पेट्रोल –डीजल खत्म हो गया है। शहरी क्षेत्र के कई पेट्रोल पंप प्रति दिन की तरह समय पर बंद किए गए। आवासीय क्षेत्रों में संचालित पेट्रोल पंपों को नियमानुसार बंद करना होता है। 24 घंटे संचालित होने वाले पेट्रोल पंप खाद्य विभाग की अनुमति से ही संचालित होते हैं।