उज्जैन । श्री महाकालेश्वर भगवान की श्रावण-भाद्रपद माह में राजसी सवारी 6स्वरूपों के साथ सोमवार को निकाली गई। इस दौरान सवारी पर 15 ड्रोन से 5 क्विंटल से अधिक पुष्पों की वर्षा की गई। ईशा फाउंडेशन एवं नादयोग द्वारा भव्य आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुति के साथ शहर के 5 बैंडों एवं ने सवारी मार्ग पर भक्तिमय स्वर लहरियां बिखेरकर श्रद्धालुओं को मंत्र मुग्ध कर दिया। सवारी में 73 भजन कीर्तन मंडली ने भागीदारी की।कलेक्टर एवं मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष रौशनकुमार सिंह के अनुसार सिंहस्थ महाकुंभ की थीम पर आधारित राजसी सवारी निकाली गई। इसमें कई आकर्षण रखे गए थे। मंदिर के सभा मडप में अपरांह् में भगवान के श्री चंद्रमौलेश्वर स्वरूप का पूजन पं.घनश्याम पुजारी ने प्रदेश सरकार के मंत्री प्रह्लाद पटेल, गौतम टेटवाल,संभाग आयुक्त आशीषसिंह सहित अन्य अतिथियों ने किया । इसके बाद श्री चंद्रमौलेश्वर स्वरूप रजत पालकी एवं श्री मनमहेश स्वरूप को गजराज सूमा पर विराजित किया गया। पालकी को अतिथियों ने कांधा देकर अपरांह् नगर भ्रमण के लिए रवाना किया। मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवानों के द्वारा पालकी में विराजित भगवान श्री चन्द्रमोलेश्वर को सलामी (गार्ड ऑफ ऑनर) दी गई। इसके साथ ही भगवान नगर भ्रमण पर आमजन को दर्शन देने के लिए निकले। मंदिर समिति का बैंड एवं पुलिस बैंड भी इसमें शामिल रहे। रामघाट पर पूजन के उपरांत सवारी अपने परंपरागत 5 किलोमीटर मार्ग से नगर भ्रमण पर निकली। सिंधिया देवस्थान ट्रस्ट के श्री द्वारकाधीश गोपाल मंदिर से सिंधिया राज परिवार की और से भगवान का पालकी पूजन किया गया एवं वस्त्र अर्पित किए गए।6स्वरूपों में भगवान के दर्शन-प्रमुख राजसी सवारी में रजत पालकी में श्री चन्द्रमौलेश्वर, हाथी पर श्री मनमहेश, गरूड़ रथ पर श्री शिवतांडव, नन्दी रथ पर श्री उमा-महेश और डोल रथ पर श्री होल्कर स्टेट मुखारविंद, व षट्म् सवारी में श्री सप्तधान का मुखारविंद शामिल हुए। श्री चन्द्रमोलेश्वर जी की पालकी अपने निर्धारित समय शाम 4 बजे से प्रारंभ होकर महाकाल रोड, गुदरी चौराहा, बक्षीबाजार, कहार वाड़ी, हरसिद्धीपाल से रामघाट पहुंची जहां पालकी में विराजित भगवान श्री चंद्रमोलीश्वर एवं गजराज पर आरूढ़ श्री मनमहेश के माँ क्षिप्रा के तट पर पूजन-अर्चन व आरती की गई। इसके बाद प्रमुख सवारी रामानुजकोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक खाती समाज का श्री जगदीश मंदिर, श्री सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, मिर्ज़ा नईम बेग, तेलीवाडा, कंठाल, सती गेट, सराफा, छत्री चौक, श्री गोपाल मंदिर पर पहुचेगी। जहाँ सिंधिया स्टेट द्वारा पररम्परानुसार पालकी में विराजित भगवान श्री चंद्रमोलीश्वर का पूजन किया जायेगा। उसके बाद सवारी पटनी बाज़ार, गुदरी चौराहा, महाकाल चौराहा होते हुए श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंची।सिंहसथ महाकुंभ थीम पर ये थे प्रमुख आकर्षण-सवारी मार्ग पर 1 लाख वर्गफीट से अधिक क्षेत्र में विशाल रंगोली का निर्माण किया गया। संगम–ईशा फाउंडेशन एवं नादयोग द्वारा भव्य आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई। सवारी मार्ग पर लाइव चित्रकला के माध्यम से आकर्षक एवं भव्य दृश्य प्रस्तुति दी गई। 5 बैंड समूहों की सहभागिता, जिसमें प्रत्येक दल में 250 से अधिक सदस्य शामिल थे ने मन मुग्धा स्वर लहरियां बिखेरी। युवा दल द्वारा सवारी मार्ग पर विशेष सांस्कृतिक एवं युवा-केंद्रित प्रस्तुतियां। सवारी मार्ग पर लाइव ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति के माध्यम से सावन माह के प्रमुख चलचित्र एवं डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया। इसमें नगर निगम की सिंहस्थ महाकुंभ आधारित एवं विकास प्राधिकरण की धर्मनगरी आधारित झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रहे हैं।
भाद्रपद माह की दूसरी व प्रमुख राजसी सवारी निकली परंपरागत करीब 5 किमी मार्ग पर श्री महाकाल की सवारी में छ: स्वरूपों में दर्शन, 15 ड्रोन से 5 क्विंटल पुष्प वर्षा -स्थानीय 5 बैंड ने भक्ति की स्वर लहरियां बिखेरकर श्रद्धालुओं को मंत्र मुग्ध किया,