उज्जैन। लग्झरी कारों में अवैध शराब तस्करी करते 4 युवकों को घेराबंदी कर हिरासत में लिया गया है। दोनों कारों से 5.31 लाख की अंग्रेजी शराब बरामद की गई है। वहीं कारों की कीमत 45 लाख रूपये होना सामने आई है। चारों से पूछताछ की जा रही है। आज रिमांड पर लिया जायेगा।
नानाखेड़ा थाना पुलिस को गुरूवार शाम खबर मिली थी कि इंदौर की ओर से एक्सयूवी क्रमांक सीजी 10 सीबी 2098 में अवैध शराब भरी हुई है। थाना प्रभारी नरेन्द्र कुमार यादव ने लग्झरी गाड़ी से अवैध शराब की तस्करी का पता चलते ही एसआई हेमंतसिंह जादौन, अनिल ठाकुर, प्रधान आरक्षक चंद्रपालसिंह मंडलोई, दिग्विजयसिंह, मुकेश मुनिया, अनिल सिसौदिया, आरक्षक श्यामबरणसिंह, मुकेश मालवीय की टीम बनाई और घेराबंदी शुरू की। इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर के पास से उक्त एक्सयूवी को रोका गया। जिसमें सचिन पिता गोपाल राव 25 साल निवासी झुग्गी झोपड़ी चिमनगंज और यश पिता विनोद चित्तौड़ा 21 साल न्यू इंदिरानगर नागझिरी होना सामने आये। दोनों को हिरासत में लिया गया और गाड़ी की तलाशी ली गई। जिसमें 23 पेटी अंग्रेजी शराब की भरी होना सामने आया। यहीं नहीं तलाशी में एक ही नम्बर जीजे 18 एफसी 1058 की 2 फर्जी नम्बर प्लेट भी बरामद हो गई। पूछताछ में पता चला कि स्कार्पियों क्रमांक एमपी 09 ए क्यू 5267 से भी शराब लाई जा रही है। पुलिस टीम ने तत्काल स्कार्पियों की तलाश में सर्चिंग शुरू की। उक्त कार को शनि मंदिर ब्रिज के नीचे से पकड़ा गया। जिसमें 21 पेटी अंग्रेजी शराब की मिली। स्कार्पियों में साहिल उर्फ मनीष पिता संतोष माली 23 साल निवासी गिरीराज रतन कालोनी कानीपुरा रोड और चंद्रशेखर उर्फ कालू उर्फ मेडिकल पिता नंदकिशोर भोई निवासी विधायक नगर पंवासा सवार थे। थाना प्रभारी यादव के अनुसार दोनों कारों से 44 पेटी शराब कीमत 5.31 लाख बरामद की गई है। एक्सयूवी की कीमत 25 लाख और स्कार्पियों की 20 लाख रूपये है। चारों शराब तस्करों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34 (2) का प्रकरण दर्ज किया गया है। शुक्रवार दोपहर न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया जायेगा।
उज्जैन-गुजरात में लगाते थे ठिकाने
थाना प्रभारी नरेन्द्र कुमार यादव के अनुसार चारों युवकों से पूछताछ में पता चला कि उज्जैन नगर निगम सीमा और गुजरात में शराब प्रतिबंध होने पर इंदौर से अवैध तरीके से लाकर दोनों जगह महंगी कीमत में बेचने का काम करते है। चारों का रिकार्ड खंगालने पर चंद्रशेखर के पूर्व में भी आबकारी अधिनियम के मामले दर्ज होना सामने आये है। रिमांड अवधि में तस्करी से जुडेÞ कई राज सामने आ सकते है, वहीं आरोपियों की संख्या भी बढ़ सकती है।
फर्जी नम्बर प्लेट के साथ 4 युवक हिरासत में 45 लाख की 2 कारों में भरी मिली 5.31 लाख की शराब