जगोटी। एक और प्रदेश सरकार जल गंगा संवर्धन अभियान चलाकर लोगों को पानी की महत्ता व इसकी निरन्तर उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास कर रही है वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में इसके ठीक विपरीत लोगों को पेयजल के लिए एक से डेढ़ किमी तक भटकना पड़ रहा है महिदपुर विधानसभा के बड़े गांव जगोटी में छ: साल से गर्मी की शुरूआत होते ही पेयजल संकट आरंभ हो जाता है लोगों की दिनचर्या पेयजल आपूर्ति को ही समर्पित रहती है।
पेयजल समस्या का मुख्य कारण जल स्तर नीचे गिरने के साथ पी एच ई विभाग भी है, दो साल पहले जल जीवन मिशन के तहत जगोटी में घर घर पेयजल सुलभता से प्रदाय करने का काम अब भी अधूरा है, गांव में सड़क खोदकर बिछाई पाईप के कारण गांव की आंतरिक सड़कों को बदतर हालात में पहुंचा कर हर गली में को आवागमन लायक भी नहीं छोड़ा। नयी पाईप लाईन बिछाने का इस कदर घटिया तरीके से किया गया कि पैंतालीस साल पहले की नल जल योजना की पाईप लाईनें नष्ट कर पेयजल आपूर्ति बाधित कर दी। जगोटी खेडाखजूरिया मार्ग पर पीएच ई के ट्यूबवेल से पूरे वर्ष भर जल आपूर्ति होती थी मगर दो साल पहले उस ट्यूबवेल के समीप पुलिया निर्माण के दौरान ठेकेदार द्वारा उक्त ट्यूबवेल को पत्थरों व गिट्टी मिट्टी से बंद कर उपयोग हीन कर दिया, ग्राम पंचायत जगोटी ने इस्को लेकर शिकायती आवेदन भी दिया था मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई इस गंभीर मसलें को पीएच ई अधिकारियों ने गंभीरता से नहीं लिया। चार दशक पहले तक गांव की पेयजल आपूर्ति करने वाले अधिकांश कुए बावड़ी कचरे के ढेर में तब्दील होते जा रहे हैं,गांव की एक तिहाई आबादी को पेयजल उपलब्ध कराने वाले चोक बाजार की बोहरा जी कुंडी व पंचायत भवन के ठीक पीछे की कुईया कचरे का ढेर बनकर उसके उपर आवागमन की सड़क का निर्माण लगभग दस साल पहले कर दिया गया,गांव के मध्य कुंडाल भी मृत अवस्था में है, इसके चारों तरफ गंदगी व अतिक्रमण कर इस प्राचीन धरोहर को नष्ट किया जा रहा है मगर जिम्मेदार उदासीन है। श्री चैतन्य हनुमान मंदिर के समीप दो साल प्राचीन बावड़ी व पास में होल्कर स्टैट के जल संग्रहण का पाला बारिश में लबालब भरा रहता है इन दिनों कतिपय तत्वों द्वारा यहां गंदगी व कचरे के ढेर किए जा रहे हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता प्रहलाद हेड़ा का कहना है कि प्रदेश सरकार जल गंगा अभियान चला रही है लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ भी प्रभावी काम नहीं दिखाई दे रहा है, यदि सरकार गांवों के प्राचीन जल स्त्रोतों की दशा सुधारने के प्रति सही ढंग से योजना क्रियान्वित करे तो अधिकांश गांवों में पेयजल संकट से मुक्ति मिल सकती है। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत बनाए सहायक नोडल अधिकारी रोहित कौशल का कहना है कि पुराने कुएं, बावड़ी या अन्य जल स्त्रोतों को फिर से जीवित करने का कोई फंड जारी नहीं हुआ है जनसहयोग से कोई भी पंचायत ये काम कर सकती हैं । जल जीवन मिशन के अधूरे पड़े काम व जगोटी में पिछले तीन महीने से पेयजल संकट को लेकर पीएच ई के ई ई खत्री ने सिर्फ इतना कहा कि ठेकेदार को कल ही भिजवा कर अधूरे पड़े काम को पूरा करवाते हैं। पंच रानू रजनीश तिवारी, वरिष्ठ नागरिक रणछोड़ पटेल, मनोहर पांचाल, रवि बोडाना ने कहा कि पीएच ई अधिकारियों का ठेकेदार पर कोई अंकुश नहीं है पाईप लाईन बिछाने में गांव की आंतरिक सड़कों को खराब कर दिया, पुरानी पेयजल आपूर्ति की लाईन नष्ट कर दी गई, पुराने पेयजल आपूर्ति के ट्यूबवेल को भी बंद कर दिया गया लेकिन जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया वे सिर्फ आश्वासन देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। जिला कांग्रेस कमेटी महामंत्री अनंत शर्मा ने कहा कि गंभीर होते पेयजल संकट के प्रति पीएच ई अधिकारियों द्वारा कारगर कदम नहीं उठाए गए तो कांग्रेस विरोध प्रदर्शन व धरना देगी।
जनपद सदस्य प्रतिनिधि गिरधारी लाल चौहान ने बताया कि पिछले विधानसभा सत्र में जल जीवन मिशन के तहत् ग्रामीण क्षेत्रों में अधूरे पड़े कार्यों को लेकर विधायक दिनेश जैन बोस ने लिखित प्रश्न उठाया था।
पेयजल की गंभीर स्थिति को लेकर शुक्रवार को जगोटी पहुंचे महिदपुर एसडीएम अजय हिंगे, जनपद सीईओ मीना झा, पीएच ई इंजीनियर अशरफ हुसैन को सरपंच राहुल मुकाती, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष रजनीश तिवारी, पत्रकार अनंत शर्मा, दिनेश वर्मा, संदीप आंजना, मेहरबान सिंह ठाकुर, कैलाश जटिया आदि ने जल जीवन मिशन के अधूरे पड़े कार्यों व पेयजल आपूर्ति में आ रही समस्या से अवगत कराया। एसडीएम ने 25 अप्रैल तक अधूरे पड़े कार्यों को पूर्ण करने व पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।
पुराने पेयजल स्त्रोत कचरे के ढेर में तब्दील हुए