नगर निगम के कर्मचारियों ने रसीद कट्टे लिए हिसाब कर जमा नहीं किएआडिट को नहीं मिले 20 रसीद कट्टे , गबन की आशंका ठोस अपशिष्ट प्रबंधन,सामान्य पावती,वाहन पार्किंग, जलकर के हैं रसीद कट्टे

 

उज्जैन। नगर निगम में एक बार फिर से गबन की आशंका बलवती हो रही है। कर्मचारियों को वसूली के लिए दिए गए 20 रसीद कटृटे गायब हैं। कर्मचारियों ने रसीद कट्टे तो लिए लेकिन उनका हिसाब कर जमा नहीं किए हैं। इसके चलते नगर निगम को आर्थिक क्षति पहुंचाने की संभावनाओं को बल मिल रहा है। इस मामले को स्थानीय संपरीक्षा आडिट विभाग ने खोला है।

नगर निगम में रसीद कटृटे से गडबड का यह पहला मामला सामने नहीं आया है। दो दशक पूर्व में पीएचई में भी ऐसा मामला सामने आया था। गायब 20 रसीद कट्टे स्वास्थ्य विभाग के साथ ही राजस्व विभाग अन्यकर,पीएचई के कर्मचारियों को वसूली के लिए दिए गए थे लेकिन वसूली उपरांत कर्मचारियों ने हिसाब देकर इन्हें जमा नहीं किया है। इसी पर यह स्थिति उभरी है।

आडिट रिपोर्ट में खुलासा-

स्वच्छता के लिए स्पाट फाईन एवं अन्य वसूली के कट्टे गायब होने के मामले का खुलासा ऑडिट रिपोर्ट में होने के बाद निगम प्रशासन में हड़कंप मच गया है। इसके अलावा यह भी सामने आया है कि कर्मचारियों ने नगर निगम के कार्यों के लिए एडवांस राशि ली लेकिन उसका हिसाब कर लौटाया नहीं हैं।

ये लिखा आडिट ने-

आडिट विभाग ने अपनी और से नगर निगम को लिखे पत्र में बताया गया है कि वित्त वर्ष 2023-24 में विभिन्न मदो की वसूली हेतु विभिन्न झोनो एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (जलकर) में वसूलीकर्ताओं द्वारा उपयोग की गई रसीद बुकों में से कतिपय रसीद बुकें सम्परीक्षा हेतु वर्षान्त तक प्रस्तुत नही की गई है। जिससे रसीद बुकों से वसूल की गई मदवार राशियों का निगम कोष में जमा का सत्यापन किया जाना संभव नही हो सका। रसीद बुकें संपरीक्षा हेतु प्रस्तुत नही किये जाने से इनसे वसूली की गई राशि का दुरूपयोग किया जाकर निगम को आर्थिक क्षति पहुँचाई जाने की प्रबल संभावनायें है। अतः अब म.प्र. नगर पालिक निगम (वित्त एवं लेखा) नियम 2018 के अध्याय 12 के नियम 232 में प्रावधान के परिपालन में परिशिष्ट क्रमांक 05 अनुसार अविलम्ब रसीद बुकें आवासीय सम्परीक्षा को उपलब्ध करवाये जाने हेतु निगम प्रशासन का विशेष ध्यान आकर्षित किया जाता है। अप्राप्त रसीद बुकों में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता प्रकाश में आने पर निगम प्रशासन पूर्णतः उत्तरदायी होगा। साथ ही मुख्य स्टोर द्वारा जारी रसीद बुक्स कम्पलीट होने के पश्चात उपयोग की गई रसीद बुक्स स्टोर में वापस जमा किया जाना भी सुनिश्चित कर संपरीक्षा को अवगत करावें।

हिसाब नहीं तो सख्त कार्रवाई-

मामले की गंभीरता को देखते हुए एमआईसी के समक्ष ऑडिट फाइंडिंग रिपोर्ट रखी गई है। नगर निगम आयुक्‍ अभिलाष मिश्रा ने कहा कि यह फाईंडिंग रिपोर्ट है । इसमें कई तरह की फाईंडिंग है । जो एडवांस लिया वो जमा नहीं किया। चालान की बुक जमा नहीं की। इस तरह की फाईंडिग आती है। उस पर कार्रवाई की जाती है। ये हर वर्ष की रूटीन प्रक्रिया है। इस वर्ष एडवांस वाली बात थी उस पर  रिकवरी जारी है। कुछ कर्मचारी खूद भर रहे हैं। कई बार संबंधित कर्मचारियों से वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। चालान की बुक के मामले में कई बार सही समय पर प्रस्तुत नहीं कर पाते हैं जिसका विवरण में आ जाता है। यदि रसीद बुकों का हिसाब नहीं मिलता है, जिसके भी नाम से बुक जारी की गई है उसके नाम से रिकवरी की जाएगी।

 

Share:

संबंधित समाचार

Leave a Comment