दुर्लभ संयोग के कारण 59 दिनों का होगा ज्येष्ठ महीना

उज्जैन। वर्ष 2026 का ज्येष्ठ महीना (2 मई – 29 जून) अधिक मास (मलमास) के दुर्लभ संयोग के कारण 59 दिनों का होगा, जो सामान्य से लगभग दोगुना है। 19 साल बाद बन रहे इस विशेष योग में 4 की बजाय 8 बड़े मंगल (बुढ़वा मंगल) पड़ेंगे, जिससे हनुमान जी की उपासना का यह सबसे लंबा और उत्तम समय माना जा रहा है।

ज्येष्ठ मास में 8 बड़े मंगल का यह दुर्लभ संयोग लगभग 19 साल बाद बन रहा है। इससे पहले ऐसा विशेष योग वर्ष 2007 में देखने को मिला था। धार्मिक मान्यता है कि इस अवधि में बजरंगबली अपने वृद्ध स्वरूप में भक्तों के दुख-दर्द हरते हैं और उनकी मनोकामनाओं को पूर्ण करने का आशीर्वाद देते हैं। जो श्रद्धालु इस पावन समय में हनुमान जी की विधिवत पूजा, सेवा और भक्ति करते हैं, उन्हें विशेष कृपा प्राप्त होती है। आमतौर पर ज्येष्ठ महीने में 4 या 5 मंगलवार होते हैं, लेकिन इस बार अधिक मास यानी पुरुषोत्तम माह के चलते बुढ़वा मंगल की अवधि बढ़ गई है। जब भी ज्येष्ठ के महीने में अधिक माह का संयोग बनता है, तो मंगलवारों की संख्या बढ़ जाती है। इससे पहले ऐसा अद्भुत संयोग 19 साल पहले देखा गया था। इस महासंयोग में हनुमान जी की पूजा करने से भक्तों को आठ गुना फल प्राप्त होगा और कुंडली के ग्रह दोषों से भी मुक्ति मिलेगी। ज्योतिषाचार्य एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, त्रेता युग में ज्येष्ठ मास के मंगलवार के दिन ही प्रभु श्रीराम और बजरंगबली का पहली बार मिलन हुआ था। इसी पावन संयोग के कारण इस माह के हर मंगलवार का महत्व और भी बढ़ जाता है। मान्यता है कि बुढ़वा मंगल के दिन भगवान राम और हनुमान जी की उपासना करने से भक्तों को दोनों का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन की हर मनोकामना पूर्ण होती है। इस दिन की गई पूजा का फल कई गुना अधिक मिलता है।

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