तेज तूफान के कारण क्रूज अपना संतुलन खोकर डूबा, जबलपुर के बरगी डैम में अबतक 9 शव मिले, 24 को बचाया

क्रूज में 9 और लाशें होने की आशंका, आर्मी ने संभाला मोर्चा

ब्रह्मास्त्र जबलपुर

मध्यप्रदेश के जबलपुर में नर्मदा नदी पर बने बरगी डैम में गुरुवार शाम बड़ा हादसा हो गया। एमपी टूरिज्म का पर्यटकों से भरा क्रूज तेज आंधी और तूफान के बीच डूब गया।

शुक्रवार सुबह तक 9 शव बरामद किए जा चुके हैं। 24 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है। जबकि 15 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। प्रशासन के अनुसार क्रूज में 8 से 10 और शव होने की आशंका है। पुलिस और प्रशासन के मुताबिक क्रूज में करीब 40 से 45 पर्यटक सवार थे। हादसा डैम किनारे से लगभग 300 मीटर अंदर हुआ। तेज हवाओं और बारिश के कारण क्रूज अनियंत्रित होकर डूब गया। बरगी सिटी सीएसपी अंजुल मिश्रा ने बताया कि शुरूआती रेस्क्यू में एसडीआरएफ ने कई लोगों को बचाया, लेकिन अंधेरा और खराब मौसम से राहत कार्य प्रभावित हुआ। शुक्रवार सुबह से फिर रेस्क्यू जारी है।

रेस्क्यू आॅपरेशन तेज
सेना भी शामिल
अंधेरा और बारिश के बीच एसडीआरएफ टॉर्च की मदद से सर्च आॅपरेशन चला रही है। क्रूज को रस्सियों से बांधकर किनारे लाने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। अब भारतीय सेना की टीम भी रेस्क्यू में शामिल हो गई है। हैदराबाद से स्पेशल टीम और एक हेलीकॉप्टर भी रवाना किया गया है, जबकि कोलकाता से पैरामिलिट्री टीम जबलपुर पहुंच चुकी है। हाइड्रोलिक मशीन की मदद से नदी क्षेत्र को पाटकर क्रूज तक पहुंचने और फंसे लोगों को निकालने की कोशिश की जा रही है।

क्रूज 20 फीट गहराई में फंसा
जानकारी के अनुसार क्रूज करीब 20 फीट गहरे पानी में फंसा है। जेसीबी और नाव की मदद से उसे लगभग 30 मीटर तक खींचा गया, लेकिन आगे नहीं बढ़ सका। अब पोकलेन मशीन और भारी उपकरणों से उसे किनारे लाने का प्रयास जारी है। साथ ही गड्ढा खोदने की तैयारी भी की जा रही है।
लाइफ जैकेट पहनने का मौका नहीं मिला
क्रूज पायलट महेश ने बताया कि वह 10 साल से सेवा में है और सभी सुरक्षा उपकरण मौजूद थे, लेकिन तूफान इतनी तेजी से आया कि यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनने का मौका नहीं मिला। अधिकारियों के मुताबिक मृतकों और लापता लोगों की संख्या में बदलाव संभव है क्योंकि रेस्क्यू आॅपरेशन अभी भी जारी है।

पर्यटन विभाग के अधिकारी बोले- 20 साल पुराना है क्रूज
पर्यटन विभाग के अधिकारी योगेंद्र रिछारिया ने बताया कि बरगी डैम में एक क्रूज संचालित किया जा रहा है। इसका निर्माण 2006 में किया गया था। इसकी क्षमता 60 यात्रियों की है। वहीं दूसरा क्रूज खराब है।
खमरिया के एक परिवार के 15 लोग थे सवार
आयुध निमार्णी खमरिया के ए3 सेक्शन में कार्यरत कर्मचारी कामराज आर्य परिवार के 15 लोगों के साथ घूमने गए थे। कामराज के माता-पिता भी साथ में थे, लेकिन वह डैम के किनारे बैठे हुए थे। कामराज के साथ उनकी पत्नी, भाभी और बच्चे क्रूज में घूमने गए हुए थे। कामराज मूलत: कर्नाटक के रहने वाले हैं। कामराज के एक बेटे को बचा लिया गया है। वहीं कामराज, उनकी पत्नी और बेटा अब भी लापता है।

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