ब्रह्मास्त्र नई दिल्ली
जम्मू-कश्मीर में 209 करोड़ रुपये के बड़े साइबर घोटाले का खुलासा करते हुए पुलिस ने हरियाणा के एक डॉक्टर को गिरफ्तार किया है, जिसे जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क का प्रमुख संचालक मान रही हैं। डॉ मॉर्फिन के नाम से चर्चित इस आरोपी के साथ कश्मीर के विभिन्न जिलों से आठ अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है। गंदरबल पुलिस द्वारा गठित विशेष जांच दल ने इस मामले में देशभर से करोड़ों रुपये की ठगी का पर्दाफाश किया है।
पुलिस के अनुसार, गंदरबल जिले में पहचान की चोरी और आॅनलाइन ठगी की शिकायत मिलने के बाद विशेष जांच दल ने मामले की तहकीकात शुरू की थी। शुरूआती जांच में ही यह स्पष्ट हो गया कि यह कोई सामान्य साइबर फ्रॉड नहीं बल्कि एक संगठित और बहु-राज्यीय नेटवर्क है, जो डिजिटल निवेश के नाम पर लोगों को जाल में फंसा रहा था।
ल्ल जांच के दौरान 835 बैंक खातों की पहचान की गई, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए किया गया। इनमें से 290 खातों में अब तक 209 करोड़ रुपये के लेन-देन की पुष्टि हो चुकी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गंदरबल खालिल पोसवाल ने बताया कि पूरी जांच और सत्यापन के बाद यह रकम 400 करोड़ रुपये से अधिक भी हो सकती है।
ल्ल पुलिस जांच में सामने आया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और गूगल के जरिए पैसावाल्ट डॉट कॉम जैसे फर्जी निवेश पोर्टल चलाए जा रहे थे। इन वेबसाइटों के माध्यम से लोगों को क्रिप्टो कॉइन ट्रेडिंग और आॅनलाइन निवेश में भारी मुनाफे का लालच दिया जाता था। शुरूआत में निवेशकों को छोटे-छोटे रिटर्न दिखाकर विश्वास में लिया जाता, लेकिन जैसे ही बड़ी रकम निवेश की जाती, उसे विभिन्न स्थानीय बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता।