उज्जैन। पूरे प्रदेश के साथ ही अब उज्जैन जिले के भी ग्रामीण क्षेत्रों में हर परिवार को दिसंबर 2028 तक नल से शुद्ध जल उपलब्ध होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जल जीवन मिशन 2.0 (जेजेएम 2.0) योजना को मंजूरी देते हुए इसे दिसंबर 2028 तक बढ़ा दिया। योजना के पहले ही दिन मध्यप्रदेश सरकार और केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के बीच केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटील की नई दिल्ली में और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की वर्चुअल उपस्थिति में एमओयू साइन किया गया। मिशन के लिए कुल व्यय बढ़ाकर 8.69 लाख करोड़ रुपये किया गया है, जिसमें केंद्र सरकार की सहायता 3.59 लाख करोड़ रुपये होगी।
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने जल जीवन मिशन 2.0 के अनुमोदन के लिए प्रदेश की जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार दिसंबर 2028 तक जल जीवन मिशन के सभी कार्य पूर्ण कर प्रत्येक ग्रामीण परिवार को नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस दौरान केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री वी सोमन्ना, मध्य प्रदेश सरकार में जल शक्ति मंत्री संपतिया उइके सहित केंद्र और राज्य के संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। प्रदेश में 8 मार्च से 22 मार्च तक ‘जल महोत्सव’ के अंतर्गत जल संरक्षण और जनजागरूकता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पूरी हो चुकी योजनाओं का हस्तांतरण निर्वाचित प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सहभागिता से ‘जल अर्पण’ उत्सव के रूप में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य कैबिनेट ने ‘मध्य प्रदेश पंचायत (ग्रामीण नलजल योजना संचालन-संधारण एवं प्रबंधन नीति), 2026’ को मंजूरी देकर ग्राम पंचायतों को योजनाओं के संचालन और रखरखाव में सशक्त बनाने का निर्णय लिया है।