किन्नर बिरादरी को नेग या बधाई मांगने का कोई कानूनी अधिकार नहीं

लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण और दूरगामी फैसले में स्पष्ट कर दिया है कि किन्नर समुदाय के पास शुभ अवसरों पर पारंपरिक रूप से ‘बधाई’ या ‘नेग’ मांगने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। जस्टिस आलोक माथुर और जस्टिस अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने कड़े शब्दों में कहा कि इस तरह की जबरन मांग को भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध की श्रेणी में रखा जा सकता है। अदालत ने यह फैसला गोंडा जिले की एक ट्रांसजेंडर रेखा देवी द्वारा दायर उस याचिका को खारिज करते हुए सुनाया, जिसमें उन्होंने ‘नेग’ वसूलने के लिए एक विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र को अपने लिए आरक्षित करने की मांग की थी।

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