उज्जैन। मृतक व्यक्तियों को जीवित बताकर बीमा पॉलिसी प्राप्त करने और बाद में फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर इंश्योरेंशन कंपनी को 8 करोड़ की क्षति पहुंचाने का बड़ा मामला सामने आने पर ईओडब्ल्यू ने गुरूवार को 40 से अधिक लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा में प्रकरण दर्ज किया है।
मामला उज्जैन और मंदसौर से जुड़ा होना सामने आया है। सितम्बर 2025 में आईसीआईसीआई प्रूडेंसियल लाईफ इंश्योरेंस कंपनी द्वारा भोपाल ईओडब्ल्यू को शिकायत दर्ज कराई थी और बताया गया था कि जारी पॉलिसियों में बीमा एजेंटों, पॉलिसी धारक, नामिनी द्वारा पूर्व से गंभीर बीमारी से ग्रसित और मृतक व्यक्तियों के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर करोड़ की क्षति पहुंचाई गई है। मामले की जांच भोपाल से उज्जैन ईओडब्ल्यू ईकाई को सौंपी गई। 6 माह तक निरीक्षक रीमा यादव, एएसआई अशोक राव, प्रधान आरक्षक विशाल बादल, मोहन पाल, लोकेन्द्र देवड़ा और राकेश जटिया द्वारा गंभीरता से जांच की गई। जिसमें पाया गया कि 8 करोड़ की धोखाधड़ी की गई है। जिसमें बीमा एजेंटों के साथ पॉलिसी धारक, नामिनी और लोक सेवक सरपंच, सचिव, सहायक सचिव सभी शामिल है। निरीक्षक रीमा यादव के अनुसार मामले में करीब 40 लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 417, 420/511, 467, 468, 471, 120 बी और भ्रष्टचार अधिनियम 1988 की धारा 7 (ग), 12 में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।
27 में से 19 पॉलिसी पाई गई संदिग्ध
ईओडब्ल्यू एसपी समर वर्मा ने बताया शिकायत को गंभीरता से लेकर जांच की गई जिसमे कुल 27 बीमा पॉलिसियां संदिग्ध मिली। इनमें 19 मामलों में बीमारी छुपाकर पॉलिसी ली गई थी। 8 मामलों में मृत व्यक्तियों के नाम पर पॉलिसी जारी कर क्लेम की कोशिश की गई थी। जांच में कई तथ्य सामने आये जो धोखाधड़ी को उजागर कर रहे थे। लोकसेवको ने जिन्हें आरोपी बनाया है उन्होंने पॉलिसी धारकों के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र व अन्य शासकीय दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर, मिथ्या साक्ष्य तैयार कर दिए थे और बीमा कम्पनी में मृत्युदावा प्रस्तुत कर दिया था।
इनके खिलाफ दर्ज किया गया मामला
8 करोड़ की धोखाधड़ी में जिन लोगों पर मामला दर्ज किया गया उसमे ंआईसीआईसीआई प्रूडेंसियल लाईफ इंश्योरेंस कम्पनी के एजेण्ट मेघा डोंगांरवर, ऋषि पाल, जशोदाबेन शर्मा, महेशचन्द्र, मुकेश साधवानी, सुनिता, जितेन्द्र खिंची, महेन्द्र परिहार, अंजली जैन, प्रहलाद चौहान, मेघा कोठारी, रवि राठौर, प्रहलाद पाटीदार है। पॉलिसी धारकों के नामिनि रामकन्या नवरंग, सरे कुंवर, गोकुल सिंह, अनिल, रेखा बाई, मुकेश सिंह चौहान, राधा मालवीय, गोपाल, प्रभा पाटीदार, अनिल भाटी, दिलीप गावरिया, विनोद, कैलाश हिरवे, शीतल, श्यामदास बैरागी, मुन्नी यादव, सुरेश जुझारे, मंजुदेवी राव, राधा देवी, सरफराज अहमद, सुधीर राठौर, ज्योति बाई और लोकसेवकों में ग्राम आलाखेड़ा, तहसील महिदपुर जिला उज्जैन के सरपंच जसवंत सिंह, सचिव राजकुमार देवड़ा, सहायक सचिव राधेश्याम गुर्जर, ग्राम पंचायत पालखंदा तहसील व जिला उज्जैन के सचिव मेम्बर चौधरी, ग्राम पंचायत धुरेरी तहसील बड़नगर जिला उज्जैन के सचिव लाखन सिंह चौहान व अन्य शामिल है।
ईओडब्ल्यू की जांच में खुलासा, 40 पर केस दर्ज फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र से हड़पी 8 करोड़ की बीमा पॉलिसी