बुरहानपुर -आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष रविन्द्र मसाने को जान से मारने की धमकी देने का एक गंभीर मामला सामने आया है। घटना के बाद पीड़ित ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत आजाक (AJAK) थाने और बुरहानपुर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) को लिखित शिकायत दर्ज कराकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।मसाने का आरोप है कि कार्यालय पहुंचने पर शरद पवार और कमलेश कौशिक उन्हें एक कोने में अकेले ले गए। वहां उनके साथ अभद्रता और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए
दरअसल, बुरहानपुर जनपद पंचायत कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी शरद पवार और कमलेश कौशिक पर गलत और अवैध तरीके से नियुक्ति हासिल करने के गंभीर आरोप हैं। इस मामले की विभागीय जांच भी हो चुकी है, जिसमें दोनों को दोषी पाया गया था।चूंकि इस याचिका पर हाईकोर्ट का अंतिम फैसला बेहद नजदीक है, इसी बौखलाहट में आकर आरोपियों द्वारा याचिकाकर्ता पर दबाव बनाने और उन्हें जान से मारने की धमकी देने का यह कदम उठाया गया है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन को लिखित शिकायत सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।