अमेरिकी सेना ने सीरिया छोड़ा:जॉर्डन लौट रहे सैनिक, सरकार बोली- देश में एक ही प्रशासन चलेगा

दमिश्क। अप्रैल 2026 में हसाका के कसराक एयरबेस से आखिरी अमेरिकी काफिला निकल गया। इसके बाद सीरियाई सरकार ने सभी बेस अपने कब्जे में ले लिए।सीरियाई विदेश मंत्रालय के मुताबिक, यह कदम देश को एकजुट करने और पूरे इलाके पर सरकार का नियंत्रण स्थापित करने की दिशा में बड़ा मोड़ है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की कि करीब 2000 सैनिक जॉर्डन जा रहे है।अमेरिका ने हसाका, रुमैलान और देइर एज-जोर में मौजूद कम से कम सात बड़े ठिकाने खाली किए। आखिरी ठिकाना कसराक एयरबेस था। अब इस पर सीरियाई सेना का नियंत्रण है।हसाका प्रांत के ग्रामीण इलाके में स्थित कसरक बेस है। अमेरिकी सेना की वापसी के बाद इसे सीरियाई सरकारी बलों को सौंप दिया गया।सीरियाई सरकार और SDF के बीच समझौता-इस बीच, सीरिया सरकार और SDF के बीच हुए समझौते के बाद कुर्द लड़ाकों को राष्ट्रीय सेना में शामिल किया जा रहा है। हसाका और क़ामिशली जैसे शहरों में सरकारी बल तैनात हो चुके हैं और सीमाई इलाकों पर भी दमिश्क का नियंत्रण बढ़ा है।इसी साल दोनों पक्षों के बीच झड़पें भी हुई थीं, जिसके बाद मार्च में एक नया समझौता हुआ। इसके तहत SDF और कुर्द प्रशासनिक ढांचे को धीरे-धीरे राज्य में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू हुई।सीरिया ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय एंटी-ISIL गठबंधन में शामिल होकर अपनी भूमिका बदली है। इससे अमेरिका के लिए सीरिया में सैन्य मौजूदगी का आधार कमजोर हुआ और अब वह क्षेत्र में अपनी रणनीति को नए सिरे से तय कर रहा है।SDF एक कुर्द-नेतृत्व वाला गठबंधन है, जिसे 2015 में बनाया गया था और इसमें कुर्द, अरब और दूसरे स्थानीय समूह शामिल हैं। सीरिया के गृहयुद्ध के दौरान जब सरकार कमजोर हुई, तब कुर्द लड़ाकों ने उत्तर-पूर्वी इलाकों पर कब्जा कर लिया। बाद में यही SDF के रूप में मजबूत ताकत बन गया।

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