रतलाम। जिले के नामली क्षेत्र स्थित पलदुना फाटे पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं के बीच शुक्रवार को हालात तनावपूर्ण हो गए। गुरुवार देर रात “पुलिस” लिखे वाहन की टक्कर से घायल 48 वर्षीय मुकेश पिता परमानंद कुमावत, निवासी नामली की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। शुक्रवार को ग्रामीण उसके शव का अंतिम संस्कार हाईवे पर रखकर करने की तैयारी कर रहे थे। जानकारी के अनुसार मुकेश अपने अंकल के साथ गांव से निकलकर फोरलेन पार कर रहे थे, तभी तेज रफ्तार कार ने उन्हें और एक अन्य व्यक्ति को जोरदार टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल मुकेश को तत्काल इंदौर रेफर किया गया, जहां शुक्रवार दोपहर उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने फोरलेन हाइवे किनारे टेंट-तंबू लगाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने “फोरलेन वालों की दादागिरी नहीं चलेगी” के नारे लगाते हुए मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की। मामला उस समय और गंभीर हो गया, जब ग्रामीणों ने मृतक का अंतिम संस्कार हाइवे पर ही करने की जिद पकड़ ली। बड़ी संख्या में लोग लकड़ियां लेकर मौके पर पहुंच गए और चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर वे आत्मदाह जैसे कदम उठाने को मजबूर होंगे। सूचना मिलते ही नामली थाना पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल पर मौजूद हैं और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास जारी था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। हालांकि देर शाम तक प्रशासन की समझाइश के बाद भी ग्रामीण नहीं माने और शव को इंदौर से लाकर रतलाम मेडिकल कॉलेज भिजवाया गया। जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह अंतिम संस्कार किया जाएगा। लगातार हादसों से बढ़ा आक्रोश स्थानीय लोगों का कहना है कि पलदुना फाटे पर आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। ग्रामीणों ने यहां स्पीड कंट्रोल, संकेतक, स्ट्रीट लाइट सहित अन्य सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की है।
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