उज्जैन। कहा जाता है कि 16 वीं सदी में संत तुलसीदास ने फतेहपुर सिकरी जेल में बंदी बनाए जाने पर श्री रामभक्त हनुमान की चालीसा रच दी थी। वानरों की फौज ने जेल पर हमला कर दिया था। बीरबल की सीख पर अकबर ने उन्हें तत्काल ससम्मान रिहा किया था। जब जाकर वानर फौज शांत हुई थी। रामदुत हनुमान का गुरूवार को जन्म उत्सव मनाया जाएगा। अजर अमर श्री हनुमान के नाम के जप से ही रोग और पीडा दूर हो जाते हैं।श्री हनुमान भगवान के जन्म को लेकर शहर…
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