आवारा कुत्तों से बचने का निकाला रास्ता, घरों के बाहर लटका रहे लाल पानी से भरी बोतल

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उज्जैन। मार्गो से लेकर महाकाल मंदिर पर आवारा कुत्तों की दहशत और आतंक बना हुआ है। कुत्तों का शिकार बच्चों से लेकर युवा बुजुर्ग तक बन रहे हैं। इनकी वजह से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। आवारा कुत्तों से बचने के लिए कुछ लोगों ने नया तरीका इजाद कर लिया है। घरों के बाहर लाल पानी से भरी बोतल लटकाई जा रही है।

 

घरों के बाहर लाल पानी से भरी लटकी बोतलों का नजारा मंछामन गणेश कॉलोनी में देखा जा सकता है। यहां के रहवासियों ने घरों के दरवाजा पर प्लास्टिक की बोतलों में लाल पानी भरकर रस्सी से बांध रखी है। रहवासियों का कहना है कि ऐसा करने से उनके घर के आसपास आवारा कुत्ते नहीं आ रहे। लाल पानी से भरी बोतल देखकर कुत्ते दूरी से निकल जाते हैं। ऐसा करने से घर के बाहर खेलने वाले बच्चे सुरक्षित हैं। रहवासी लाल पानी से कुत्तों के डर की वजह स्पष्ट नहीं कर पाए। कुछ घरों के बाहर पानी की बोतलों के साथ दरवाजा में पुरानी झाड़ू भी लटकी गई है। झाड़ू को लेकर कहना था कि कुत्ते उसे देखकर भाग जाते हैं उन्हें लगता है कि कोई झाड़ू से उनके ऊपर हमला हो सकता है। घरों के बाहर लाल पानी की लटका बोतलों के दौरान आसपास देखने पर कुत्ते भी नजर नहीं आ रहे थे। यह अपने आप में काफी अजीब था लेकिन जिस तरह से शहर में कुत्तों का आतंक बना हुआ है उससे बचने का क्षेत्र के रहवासियों ने अच्छा तरीका इजाद कर रखा है।

 

तीन माह में 1500 लोगों को काटा
पिछले तीन माह में आवारा कुत्तों द्वारा 1536 लोगों को काटा जा चुका है। यह आंकड़ा जिला अस्पताल का होना आया है। जहां कुत्तों के काटने पर निशुल्क रेबीज वैक्सीन का डोज लगाया जाता है। जिला अस्पताल में शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्र से लोग अपना उपचार करने के लिए पहुंचते हैं। निजी अस्पतालों में भी कुत्तों का शिकार हुए लोग उपचार के लिए पहुंचते हैं जिनकी संख्या भी सैकड़ो में होती है। निजी अस्पतालों में महंगी वैक्सीन का डोज लगाया जाता है। कुत्तों के काटने पर वैक्सीन के तीन डोज लगवाना जरूरी होते हैं। कभी-कभी वैक्सीन के डोज की संख्या 5 से 7 के बीच भी होती है।

 

आए दिन सामने आ रही घटना
शहर के गली मोहल्लों से लेकर महाकाल मंदिर तक आवारा कुत्तों की वजह से होने वाली घटनाएं प्रतिदिन सामने आ रही हैं। पिछले 7-8 दिन में दो ऐसे मामले सामने आए थे जब बाहर से महाकाल दर्शन करने आए श्रद्धालुओं को कुत्तों ने अपना शिकार बना लिया था। वही नगरची बाखल क्षेत्र में अपने दो बच्चों को एक्टिवा से स्कूल छोड़ने जा रही महिला भी कुत्तों की वजह से हादसे का शिकार हो गई। एक्टिवा एक्टिवा की रफ्तार तेज करने पर बच्चे गिर पड़े थे एक के सिर में गंभीर चोट लगी थी। नमकमंडी क्षेत्र में भी दरगाह पर जियारत के लिए जा रहे वृद्ध को भी कुत्ते से बचने के लिए अपने वाहन की रफ्तार तेज करना पड़ी थी और गंभीर हादसे का शिकार होना पड़ गया था।

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