इंदौर में भाजपा को छोड़ सभी उम्मीदवारों की जमानत जब्त, नोटा में चले गए मत

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कांग्रेस उम्मीदवारों के अलावा प्रदेश में बसपा के सिर्फ दो प्रत्याशियों ने बचाई जमानत

इंदौर/भोपाल। लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश की 29 सीटों पर लड़े 311 उम्मीदवारों की लगभग 75 लाख रुपये से अधिक की जमानत राशि जब्त कर ली गई है। जमानत बचाने के लिए कुल वैध मतों का छठा हिस्सा प्राप्त करना होता है, यानी 16.66 प्रतिशत मत मिलने चाहिए, पर भाजपा-कांग्रेस के उम्मीदवारों को छोड़ दें तो अन्य में बसपा के दो उम्मीदवार ही जमानत बचा पाए। इनमें खजुराहो से बसपा प्रत्याशी कमलेश कुमार और सतना से नारायण त्रिपाठी शामिल हैं। सामान्य और ओबीसी उम्मीदवारों को 25 हजार रुपये जमानत राशि जमा करनी होती है। एसटी-एससी के लिए यह राशि 12 हजार 500 रुपये निर्धारित है।

लालवानी को मिले 78.54 प्रतिशत मत

पिछले लोकसभा चुनाव में 438 उम्मीदवार मैदान में उतरे थे, पर इस बार 369 ही थे। इंदौर लोकसभा सीट में भाजपा के शंकर लालवानी को छोड़ सभी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। लालवानी को 78.54 प्रतिशत मत मिले। यहां कांग्रेस से कोई प्रत्याशी नहीं था, इस कारण नोटा में 14 प्रतिशत मत चले गए।

खजुराहो सीट का हाल

खजुराहो से भी आईएनडीआईए से कोई उम्मीदवार नहीं था। बाकी 27 सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशियों को 20 प्रतिशत से अधिक मत मिले हैं। हालांकि, कांग्रेस का मत प्रतिशत 2019 में 34.5 की तुलना में इस बार 32.4 रहा। यानी, 2.1 प्रतिशत गिरा है। इसकी एक वजह यह भी है कि इंदौर और खजुराहो में कांग्रेस का कोई प्रत्याशी नहीं था। इसके पहले 2004 और 2009 में एक- एक, 1998 में एक, 1996 में चार और 1991 में कांग्रेस का एक उम्मीदवार अपनी जमानत नहीं बचा पाया था। 1991 के बाद के आंकड़े देखें तो भाजपा के किसी उम्मीदवार की जमानत जब्त नहीं हुई।

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