इंदौर नगर निगम में फिर नया घोटाला — काम हुआ ही नहीं और करवा दिया 52 लाख का भुगतान, चार पर कार्रवाई

 

इंदौर। नगर निगम में फर्जीवाड़े सामने आने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। बगैर काम फर्जी बिल लगाकर 140 करोड़ रुपये के भुगतान के मामले में जांच अभी पूरी भी नहीं हुई और जनकार्य और उद्यान विभाग का फर्जीवाड़ा सामने आ गया।
अधिकारियों ने फर्जी तरीके से सड़क और उद्यान के अधूरे काम को पूरा बताकर 52 लाख रुपये से ज्यादा का भुगतान भी करवा दिया। इसके लिए मेजरमेंट बुक में फर्जी इंट्रियां की गईं। शिकायत मिलने पर निगमायुक्त ने जब जांच करवाई तो फर्जीवाड़ा सामने आ गया।

फर्जीवाड़े में कुछ निलंबित तो कुछ की सेवाएं समाप्त

निगमायुक्त शिवम वर्मा ने जनकार्य विभाग में हुए फर्जीवाड़े के लिए झोनल अधिकारी सतीश गुप्ता को निलंबित कर दिया। इसी विभाग के उपयंत्री कमलेश शर्मा की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। इस मामले में सहायक यंत्री लक्ष्मीकांत बाजपेई को निलंबित कर दिया गया है जबकि सब इंजीनियर हरीश कारपेंटर की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। महापौर परिषद सदस्य और जनकार्य एवं उद्यान विभाग प्रभारी राजेंद्र राठौर ने चारों कार्रवाई की पुष्टि की है।

इस तरह हुआ फर्जीवाड़ा

झोन 14 के वार्ड 79 में सीमेंट कांक्रीट सड़क निर्माण में यह घोटाला हुआ है। निर्माण का ठेका सरकार इंफ्रा के पास था। शिकायत के बाद जांच में पता चला कि मेजरमेंट में जो काम पूरे होना बताए गए हैं, वह काम कभी हुए ही नहीं। नियमानुसार मेजरमेंट बुक में रोजाना के काम की जानकारी, फोटो होते हैं। इसके नीचे ठेकेदार, इंजीनियर के हस्ताक्षर होते हैं। ठेकेदार के साथ मिलकर अधिकारियों ने इस मेटरमेंट बुक में फर्जी इंट्रियां की। इस बुक के आधार पर ठेकेदार को 52 लाख रुपये से ज्यादा का भुगतान कर दिया गया।

बगीचे के काम में भी गड़बड़ी

वार्ड 79 में ही सरकार इंफ्रा को बगीचे के जीर्णोद्धार का काम भी मिला था। काम शुरू होने से पहले ही काम पूरा बताकर इसके बिल नगर निगम में लगाए जा चुके थे। अधिकारी और ठेकेदार मिलकर इस तरह का फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। निगमायुक्त ने उद्यान विभाग के सहायक यंत्री को निलंबित कर दिया जबकि एक की सेवाएं समाप्त कर दी गईं हैं।

ठेकेदार को भी करेंगे ब्लैक लिस्टेड

एमआईसी सदस्य राजेंद्र राठौर ने बताया कि ठेकेदार फर्म सरकार इंफ्रा को ब्लैक लिस्टेड करने की कार्रवाई की जा रही है। फर्म को भुगतान पर भी रोक लगाई जा रही है। यह फर्म जोन 13 और 14 में कई जगह इस तरह के फर्जीवाड़े कर चुकी है। इस फर्म द्वारा पिछले 10 वर्ष में किए गए कार्यों की जानकारी निकालकर जांच करेंगे। इसमें फर्जीवाड़ा मिलता है तो कार्रवाई करेंगे।
जारी रहेगी कार्रवाई