मप्र चुनाव : अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में लग सकती है आचार संहिता

 

भोपाल । मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में हो सकती है। इसके साथ ही आचार संहिता लागू हो जाएगी। जानकार कहते हैं कि चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट के अंतिम प्रकाशन की अंतिम तारीख 4 अक्टूबर तय की है। इसके बाद 10 दिन में कभी भी चुनाव कार्यक्रम की घोषणा हो सकती है।
ऐसे में सरकार के पास चुनावी घोषणाएं और विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन करने के लिए सिर्फ 2 महीने का वक्त है। आचार संहिता के दौरान अधिकांश सरकारी कामों पर अस्थाई रोक लग जाती है। ये वो काम होते हैं, जिनसे सरकार को फायदा होने का अंदेशा होता है।
गौरतलब है कि जो योजना पहले से लागू है, वह आचार संहिता लागू होने के बाद भी जारी रहेगी। लाड़ली बहना योजना के तहत जो राशि हितग्राही को दी जा रही है, वह तो दी जा सकती है, लेकिन राशि को बढ़ाया नहीं जा सकता है। यदि ऐसा होता है तो माना जाएगा कि चुनाव को प्रभावित किया जा रहा है।
यदि ऐसा किया भी जाता है तो इसका पहले ब्लू प्रिंट सामने आना चाहिए। सरकार को यह भी बताना होगा कि राशि क्यों बढ़ाई जा रही है? यह पहले क्यों नहीं सोचा गया?

चालू कामों को नहीं रोक सकती आचार संहिता

पूर्व केंद्रीय मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत का कहना है कि आचार संहिता सरकार के चालू कामों को कतई नहीं रोकती है। मतलब ये है कि जो काम चल रहे हैं, जिनका बजट स्वीकृत है, वे सभी निरंतर जारी रहेंगे।
कोई नए काम जो लोकहितकारी हों, उसकी न तो घोषणा होगी और न ही शुरू किए जा जाएंगे। सरकार कोई वादा भी नहीं कर सकती है।