15 सालों से खड़ी नहीं हो पा रही थी, घुटनों की रोबोटिक सर्जरी ने बदल दी जिंदगी

इंदौर। गरीब से गरीब मरीज तक अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी की तकनीक का फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से श्री अरबिंदो अस्पताल द्वारा अनूठी निशुल्क पहल की गई। आयुष्मान में शामिल नहीं, घुटने की रोबोटिक सर्जरी

74 वर्षीय धूलजी पांडे करीब 5 वर्षों से घुटने के दर्द से पीड़ित थे। आयुष्मान कार्ड धारक इस पेशेंट की निःशुल्क रोबोटिक सर्जरी की गई, ताकि ऑपरेशन के बाद घुटनों में विकृति आने की कोई संभावना न रहे। ऑपरेशन डॉ. प्रदीप चौधरी, डॉ. मोहित महोबिया और डॉ. उत्कर्ष गोयल ने किया। रोबोटिक सर्जरी द्वारा घुटने का ऑपरेशन आयुष्मान योजना में शामिल नहीं है। इसके बावजूद ऑपरेशन निःशुल्क किया गया।
56 वर्षीय चंद्रकला भी 15 सालों से घुटनों में भीषण दर्द से परेशान थी। उनका ऑपरेशन सी.एम. फंड से हुआ।
श्री अरबिंदो अस्पताल में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा हाल ही में ऑटोमेटिक रोबोटिक सिस्टम का उद्धाटन किया था। उन्होंने मेडिकल साइंस के “कटिंग एज” के इस दौर में रोबोट्स के फिफ्थ जनरेशन से होने वाली नी सर्जरी का लाभ गरीब से गरीब तबके तक पहुँचाने का आह्वान किया था। निदेशक डॉ. महक भंडारी ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी के जरिये नी रिप्लेसमेंट की ये पूरी कवायद इसीलिए की जा रही है ताकि मरीजों को त्वरित इलाज मिले और उन्हें कम से कम भर्ती रहना पड़े।

देशभर के डॉक्टरों को सिखाएंगे रोबोटिक सर्जरी

फाउंडर चेयरमैन डॉ. विनोद भंडारी ने कहा कि रोबोटिक सर्जरी के क्षेत्र में देश के डॉक्टरों को देने के लिए डॉक्टरों को अपने यहाँ ट्रेंड करेंगे।

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