एमपी के सीएम की पहली घोषणा में उलझा नगर निगम

* केडी गेट रोड पर सेंट्रल लाइटिंग की कार्ययोजना पर नहीं हो सका कोई निर्णय

ब्रह्मास्त्र.उज्जैन

एमपी के सीएम डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व की सरकार के सौ दिन पूरे हो गए, लेकिन उज्जैन में की गई पहली घोषणा आज तक पूरी नहीं की जा पाई है। उज्जैन नगर निगम के अधिकारी इसको लेकर आज तक उलझन में फंसे हुए हैं। धार्मिक स्थल स्थानांतरित करने को लेकर भी अधिकारी कोई निर्णय नहीं कर सके हैं।
मध्यप्रदेश की नई सरकार के सौ दिन पूरे हो गए हैं। सरकार ने इतने न्यूतन दिनों में ही कई बड़े फैसले किए और उज्जैन में गोपालमंदिर पर की गई घोषणा को उनके ही अधिकारी पूरा नहीं कर सके हैं। सीएम ने केडी गेट का काम रोककर बीच में लाइट के पोल लगाने की घोषणा की थी। यह भी बोला था कि इस काम के लिए उनकी सरकार राशि की कमी नहीं आने देगी। जितना पैसा लगेगा सरकार देगी। नगर निगम के इंजीनियर इस घोषणा से परेशान हैं, वजह यह है कि सेंट्रल लाइटिंग करना अब तकनीकी रूप से मुश्किल काम हो गया है। कलेक्टर ने भी इस रोड का निरीक्षण कर सेंट्रल लाइटिंग करने की योजना बनाने का दिशा निर्देश दिया था। यह प्रयास भी अंजाम तक पहुंच नहीं पाया है।
महापौर और एमआईसी ने पल्ला झाड़ा
इस सड़क चौड़ीकरण काम से महापौर और उनकी परिषद एमआईसी ने पल्ला झाड़ लिया है। सभी एक ही बात कह रहे हैं मुख्यमंत्री ही यह काम पूरा कराएंगे। इससे भी सड़क चौड़ीकरण का काम पूरा नहीं हो पा रहा है।