लोन और सब्सिडी का झांसा देकर लाखों ठगे, फर्जी बैंक अफसर गिरफ्तार, ठगोरे की पत्नी फरार

इंदौर। सुंदर कांप्लेक्स मानवता नगर निवासी ज्योति प्रवीण पाल की शिकायत पर आरोपित रामचंद्र शोभाराम देलमिया निवासी ग्राम देहरिया जिला शाजापुर को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया। उसकी पत्नी भारती अभी फरार है।
डीसीपी (अपराध) निमिष अग्रवाल के अनुसार ज्योति ने बताया कि रामचंद्र ने खुद को एयू स्माल फाइनेंस बैंक का फाइनेंस अफसर बताकर कहा कि वह प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत लोन स्वीकृत करवा सकता है। लोन में 30 प्रतिशत सब्सिडी भी मिलेगी। ज्योति झांसे में आ गई और परिचित विनोद, अकलेश चौकसे, अंकित पाटीदार, योगेश सोनी, राजेश चंदेल, इदरेश और माला जोन से रुपये लेकर रामचंद्र को सवा पांच लाख रुपये दे दिए। आरोपित ने फर्जी स्वीकृत पत्र बनाकर दिया और फरार हो गया। पीड़िता से लोगों ने रुपये मांगे तो परेशान होकर आत्महत्या करने लगी। स्वजन के समझाने पर क्राइम ब्रांच को शिकायत की।

धोखाधड़ी कर महिला के नाम से कार फाइनेंस करवाई

इंदौर। क्राइम ब्रांच ने पवित्र चंदन नामक युवक को भी धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया। उसके दो साथी सुमित शर्मा और विनोद यादव को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपितों ने फिरोज गांधी नगर निवासी मनीषा पाल को लोन का झांसा देकर कार फाइनेंस करवा ली थी। टीआई पंकज द्विवेदी के मुताबिक मनीषा को रुपयों की जरूरत थी। आरोपियों ने 60 हजार रुपये के पर्सनल लोन का झांसा दिया और महिला को कार शोरूम में ले गए। उसके दस्तावेज लेकर फोटो खिंचवाए और कार फाइनेंस करवा ली। महिला ने साढ़े सात हजार रुपये 10 माह तक भरे। अंत में बैंक से नोटिस मिलने पर महिला को शिकायत करनी पड़ी।