उज्जैन। शनिवार को एक बार फिर से बेगमबाग क्षेत्र में उज्जैन विकास प्राधिकरण के लीज निरस्ती के 11 और मकानों पर कार्रवाई की गई है। इन मकानों का निर्माण विकास प्राधिकरण के नियमों के विपरित किया गया था। भूखंडों के भाग कर लिए गए थे। आवासीय भूखंडों का व्यवसायिक उपयोग किया जा रहा था। ऐसे में इनकी लीज निरस्त कर दी गई थी। अब तक 83 निर्माणों को इसके तहत हटाया गया है। हरिफाटक ब्रिज के चौड़ीकरण और मंदिर मार्ग पर प्रस्तावित निर्माण कार्य में बाधक बन रहे 11 मकानों को सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत प्रशासन ने महाकाल मंदिर मार्ग से जेसीबी और पोकलेन मशीनों से हटाया है।कार्रवाई के दौरान यूडीए, नगर निगम और पुलिस का संयुक्त अमला तैनात रहा।
लीज निरस्त की गई-उज्जैन विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार संबंधित भूखंडों की लीज पहले ही निरस्त की जा चुकी थी। प्रभावित लोगों को कार्रवाई से पहले सूचना दी गई थी। उनके सामान हटाने के बाद शनिवार को निर्माण हटाए गए। यूडीए के अनुसार, इन भूखंडों की लीज करीब 15 साल पहले समाप्त हो चुकी थी। मामला न्यायालय में लंबित होने और स्टे के कारण कार्रवाई रुकी हुई थी। हाल ही में स्टे समाप्त होने के बाद प्राधिकरण ने कब्जे हटाने की प्रक्रिया शुरू की। ये संरचनाएं सिंहस्थ की तैयारी के तहत हरिफाटक ब्रिज के चौड़ीकरण की जद में आ रही थीं।
करीब 7 अब भी शेष-उज्जैन विकास प्राधिकरण ने बेगमबाग में 45 भूखंड 30 साल की लीज पर आवासीय उपयोग के लिए दिए थे। प्रत्येक भूखंड करीब 2400 वर्गफीट का था। प्राधिकरण के अनुसार, लीज शर्तों का उल्लंघन कर इनका व्यावसायिक उपयोग किया गया और भूखंडों को छोटे हिस्सों में बांटकर करीब 90 निर्माण कर लिए गए। बेगमबाग में शनिवार को हुई कार्रवाई को यूडीए की सातवीं बड़ी कार्रवाई बताया गया है। इससे पहले 72 मकान हटाए जा चुके थे।