उज्जैन। 46 माह पहले हुई हत्या के मामले में मृतक के बेटे की गवाही पर न्यायालय ने मृतक की पत्नी उसके प्रेमी और साथी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। आरोपियों को मृतक के 2 बच्चों को पीड़ित प्रतिकर योजना में आर्थिक सहायता दिलाने के आदेश दिए हैं।
24 दिसंबर 2022 को भैरवगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम झिरनिया में रहने वाले गंगाराम ने पुलिस को सूचना दी थी कि उसके बेटे जितेन्द्र बंजारा की लाश मिली है। पुलिस घटनास्थल पहुंची थी, मामला हत्या का होना सामने आया था। जांच में पता चला था कि मृतक जितेन्द्र की पत्नी पूजा के अवैध संबंध राकेश पिता भैरूसिंह कुशवाह के साथ है। इस आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की, पता चला कि मृतक ने पत्नी को राकेश के साथ देख लिया था। जिसको लेकर विवाद हुआ था। राकेश ने अपने साथी ईश्वर गोवर्धन बंजारा को बुला लिया था। तीनों ने मिलकर जितेन्द्र की हत्या कर दी थी। राकेश ने गर्दन मरोड़ दी, ईश्वर सिंह ने मारपीट शुरू कर दी थी। तभी पूजा ने घर में रखी हथौड़ी से पति जितेंद्र के सिर पर जानलेवा हमला कर दिया था। जितेन्द्र की मौत होने के बाद तीनों ने उसका शव घर के पास बने गड्ढे में छिपा दिया था। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। उपनिदेशक अभियोजन राजेन्द्र कुमार खांडेगर ने बताया कि घटना के दौरान मृतक जितेन्द्र का 10 वर्षीय पुत्र मौजूद था। सुनवाई के दौरान बालक के कथन अदालत में लिये गये। जो महत्वपूर्ण साक्ष्य बने। बालक ने अपने सामने पिता के साथ हुई घटना को विस्तृत रूप से बताया। जिसके आधार पर 46 माह बाद पंचम अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार शर्मा ने फैसला सुनाते हुये तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा से दंडित किया। आरोपियों पर 31 हजार का अर्थदंड भी लगाया गया है। प्रकरण में विशेष लोक अभियोजक भारतसिंह कनेल और नितेश कृष्णन द्वारा पैरवी की गई। न्यायालय द्वारा प्रकरण में फैसला सुनाते हुये नोट लिखा कि मृतक के नाबालिग पुत्र और पुत्री के पुर्नवास के लिये पीडित प्रतिकार योजना में आर्थिक सहायता बतौर प्रतिकार दिलाई जाये।
-10 साल के बेटे की गवाही पर मिली उम्रकैद की सजा… प्रेमी के साथ मिलकर पति को उतारा था मौत के घाट