उज्जैन। सोमवार को भगवान श्री महाकालेश्वर की प्रमुख राजसी सवारी में संगम- ईशा फाउंडेशन एवं नादयोग द्वारा भव्य आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुति ने मंदिर के प्रांगण में ही आध्यात्मिक समा बांध दिया था। सवारी के बाहर आने से पूर्व शहर के प्रमुख5 बैंड ने अपनी स्वर लहरियों से पूरे मार्ग पर खडे श्रद्धालुओं को भक्ति के रंग में रंग दिया। मार्ग के दोनों और शिवत्व के भक्तिभाव में 6स्वरूपों के दर्शन के दौरान श्रद्धालु दोनों हाथ उठाकर जय श्री महाकाल का उद्घोष करते रहे। भजन एवं कीर्तन मंडलियों ने भी आकर्षित किया है।
षष्ठम सवारी के लिए शहर के प्रमुख 5 बैंड सवारी के साथ मैदान में उतरे थे। उन्हें मंदिर समिति की और से आमंत्रित किया गया था। सवारी से पूर्व बैंड संचालकों का मंदिर समिति की और से साफा बांधकर सम्मान किया गया। इसके बाद बैंड संचालक अपने भारी भरकम लवाजमें के साथ जैसे ही मैदान में उतरे और अपनी स्वर लहरियां वातावरण में बिखेरी तो मौजूद श्रद्धालु भक्ति भाव में झूमने पर मजबूर हो गए। श्रद्धालु ये तय नहीं कर पा रहे थे कि किस बैंड ने सबसे बेहतर प्रदर्शन इस दौरान किया। मंदिर समिति की और से भारत बैंड के हनीफ भाई,गणेश बैंड के विजयसिंह सरगरा,रमेश बैंड के श्री संतोष,आर के बैंड के श्री अंबाराम,राजकमल बैंड के केशव कामले का साफा बांधकर सम्मान किया गया। मंदिर समिति के अनुसार प्रत्येक बैंड दल में करीब 250 सदस्यीय दल शामिल हुआ।
मंदिर से रामघाट तक सांस्कृतिक छटा-
मंदिर के प्रांगण में संगम- ईशा फाउंडेशन एवं नादयोग की प्रस्तुति के साथ ही नृत्य दल की और से आकर्षक एवं मनमोहक प्रस्तुति ने भी यहां उपस्थितों का मनमोह लिया था। नृतक दल की सफेद वस्त्रों में प्रस्तुति बेहद आकर्षक रही।
खडे हनुमान जी के पीछे से निकली सवारी-
कंठाल से गोपाल मंदिर चौडीकरण के दरमियान आ रहे श्री खडे हनुमान जी के विस्थापन में पेंच फंसने के बाद इस मार्ग पर सवारी सतीगेट से होती हुई पहुंची। यहां मंदिर के आजूबाजू पुख्ता बेरिकेडिंग की गई थी। मंदिर के पिछले हिस्से से ही सवारी को पूर्ववत निकाला गया। इस दरमियान पूरी सतर्कता बरते जाने की स्थिति देखी गई।
चौडीकरण मार्गों से सहुलियतें हुई-
परंपरागत सवारी मार्ग के बहुत बडे हिस्से में चौडीकरण के कारण सोमवार को निकली राजसी सवारी के दौरान श्रद्धालुओं को खासी सहुलियतें हुई। सवारी मार्ग पर बेरिकेडस में खडे रहकर श्रद्धालुओं ने सहजता से सुलभता पूर्वक भगवान के दर्शन किए।
प्रमुख बाजार अपरांह् में बंद हुए-
राजसी सवारी को देखते हुए प्रमुख दौलतगंज सहित शहर के अन्य प्रमुख केंद्रों के बाजार भी अपरांह् में ही बंद हो गए थे। सुबह से ही व्यापारियों ने सवारी को देखते हुए अपने व्यापार के लिए योजनाबद्ध कार्यशैली को अपनाया था। शाम के कार्यों को व्यापारियों ने स्थगित ही रखा था।
सवारी मार्ग पर बेहतर रहे प्रबंध-
प्रमुख राजसी सवारी को लेकर यातायात प्रबंध मार्ग पर बेहतर किए गए थे। बेरिकेडस के साथ मार्ग पर आवाजाही कई घंटों पूर्व कर दिए जाने से यातायात में व्यवधान और जाम जैसी स्थितियां नहीं बन सकी। वाहनों को सवारी मार्ग के प्रमुख हिस्सों एवं गलियों में नहीं जाने देने से पैदल जाने वाले श्रद्धालुओं को इससे सहजता हुई हैं।
दक्षिण भारतीय साडियों में भजन मंडली ने मोहा-
सवारी में शामिल 73 भजन मंडलियों में सभी ने राजसी सवारी के लिए पूर्व से तैयारी की थी। दलों ने अपनी आकर्षक प्रस्तुतियां इस दौरान दी। झांझ एवं डमरू वादन के दलों ने तो कई जगह पर श्रद्धालुओं की दाद बटोरी। दक्षिण भारतीय साडी एवं श्रृंगार के महिला दल ने भी अपने भजनों एवं गरबा नृत्य से इस दौरान आकर्षित किया।
सवारी में इस तरह शामिल हुए दल-
सवारी में दलों को मंदिर समिति की और से क्रम दिए गए थे। मंदिर समिति के अनुसार सवारी में श्री महाकालेश्वर भगवान की प्रमुख राजसी सवारी के चल समारोह में सबसे आगे मजिस्ट्रेट वाहन,श्री महाकालेश्वर मंदिर का प्रचार वाहन , यातायात पुलिस, तोपची, भगवान श्री महाकालेश्वर जी का रजत ध्वज, घुडसवार, विशेष सशस्त्र बल सलामी गार्ड, स्काउट / गाइड सदस्य , कांग्रेस सेवा दल , सेवा समिति, बैंड के बाद उज्जैन के अतिरिक्त मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरो से सवारी सम्मिलित होने वाली 73 भजन मंडलियां चल समारोह में प्रभु का गुणगान करते हुए व अपनी सेवाए देती हुई चल रही थी। भजन मंडलियों के बाद, नगर के साधू-संत व गणमान्य नागरिक, पुलिस बैंड, नगर सेना के सलामी गार्ड की टुकड़ी, श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी व पुरोहितगण, श्री महाकालेश्वर मंदिर बैंड सवारी के साथ रहा। इसके बाद श्री महाकालेश्वर भगवान (श्री चंद्रमोलीश्वर) की प्रमुख पालकी , पुष्प वर्षा हेतु लोडिंग वाहन, भारत बैंड, रथ पर श्री गरुड़ पर विराजित श्री शिव-तांडव जी, रमेश बैंड, नंदी रथ पर श्री उमा महेश स्वरुप, गणेश बैंड, रथ पर श्री होल्कर स्टेट मुखारविंद, आर.के.बैंड , रथ पर श्री सप्तधान मुखारविंद के पश्चात राजकमल म्यूजिकल ग्रुप बैंड, व श्री मनमहेश स्वरुप हाथी पर विराजित होकर निकले। सवारी के साथ एम्बुलेन्स, विद्दयुत मंडल का वाहन, फायर ब्रिगेड, वन विभाग पुलिस वाहन आदि भी सुरक्षा की दृष्टि से सम्पूर्ण सवारी मार्ग में साथ रहे।
स्वामी मुस्कुराके मंडली छाई रही-
सवारी में पिछले 39 वर्षों से राजसी वेशभूषाओं में प्रदर्शन करने वाली स्वामी मुस्कुराके (शैलेन्द्र व्यास) मंडली पूरे समय अपने प्रदर्शन से छाए रहे।मंडली ने जमकर आनंदमयी प्रदर्शन इस दौरान राजसी वेशभूषा में किया।
सिंहस्थ महापर्व 2028 की झांकी-
सवारी में उज्जैन विकास प्राधिकरण ने भी अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुति झांकी से दी। इस दौरान प्राधिकरण ने धर्मनगरी और उसके मंदिरों के विकास को लेकश्रावण – भादौ मास की छठी एवं राजसी प्रमुख सवारी में मंदिर से लेकर मार्ग पर शिवत्व का भक्तिभाव फैला
बैंड की स्वर लहरियों में रमे भक्त, 6स्वरूपों के दर्शन कर हुए निहाल,उठे हाथ बोले जय श्री महाकाल
-सिंहस्थ कुंभ की थीम को मंदिर समिति ने किया सार्थक,भजन कीर्तन मंडलियों के दलों ने भी किया आकर्षित
उज्जैन। सोमवार को भगवान श्री महाकालेश्वर की प्रमुख राजसी सवारी में संगम- ईशा फाउंडेशन एवं नादयोग द्वारा भव्य आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुति ने मंदिर के प्रांगण में ही आध्यात्मिक समा बांध दिया था। सवारी के बाहर आने से पूर्व शहर के प्रमुख5 बैंड ने अपनी स्वर लहरियों से पूरे मार्ग पर खडे श्रद्धालुओं को भक्ति के रंग में रंग दिया। मार्ग के दोनों और शिवत्व के भक्तिभाव में 6स्वरूपों के दर्शन के दौरान श्रद्धालु दोनों हाथ उठाकर जय श्री महाकाल का उद्घोष करते रहे। भजन एवं कीर्तन मंडलियों ने भी आकर्षित किया है।
षष्ठम सवारी के लिए शहर के प्रमुख 5 बैंड सवारी के साथ मैदान में उतरे थे। उन्हें मंदिर समिति की और से आमंत्रित किया गया था। सवारी से पूर्व बैंड संचालकों का मंदिर समिति की और से साफा बांधकर सम्मान किया गया। इसके बाद बैंड संचालक अपने भारी भरकम लवाजमें के साथ जैसे ही मैदान में उतरे और अपनी स्वर लहरियां वातावरण में बिखेरी तो मौजूद श्रद्धालु भक्ति भाव में झूमने पर मजबूर हो गए। श्रद्धालु ये तय नहीं कर पा रहे थे कि किस बैंड ने सबसे बेहतर प्रदर्शन इस दौरान किया। मंदिर समिति की और से भारत बैंड के हनीफ भाई,गणेश बैंड के विजयसिंह सरगरा,रमेश बैंड के श्री संतोष,आर के बैंड के श्री अंबाराम,राजकमल बैंड के केशव कामले का साफा बांधकर सम्मान किया गया। मंदिर समिति के अनुसार प्रत्येक बैंड दल में करीब 250 सदस्यीय दल शामिल हुआ।
मंदिर से रामघाट तक सांस्कृतिक छटा-
मंदिर के प्रांगण में संगम- ईशा फाउंडेशन एवं नादयोग की प्रस्तुति के साथ ही नृत्य दल की और से आकर्षक एवं मनमोहक प्रस्तुति ने भी यहां उपस्थितों का मनमोह लिया था। नृतक दल की सफेद वस्त्रों में प्रस्तुति बेहद आकर्षक रही।
खडे हनुमान जी के पीछे से निकली सवारी-
कंठाल से गोपाल मंदिर चौडीकरण के दरमियान आ रहे श्री खडे हनुमान जी के विस्थापन में पेंच फंसने के बाद इस मार्ग पर सवारी सतीगेट से होती हुई पहुंची। यहां मंदिर के आजूबाजू पुख्ता बेरिकेडिंग की गई थी। मंदिर के पिछले हिस्से से ही सवारी को पूर्ववत निकाला गया। इस दरमियान पूरी सतर्कता बरते जाने की स्थिति देखी गई।
चौडीकरण मार्गों से सहुलियतें हुई-
श्रावण – भादौ मास की छठी एवं राजसी प्रमुख सवारी में मंदिर से लेकर मार्ग पर शिवत्व का भक्तिभाव फैला
बैंड की स्वर लहरियों में रमे भक्त, 6स्वरूपों के दर्शन कर हुए निहाल,उठे हाथ बोले जय श्री महाकाल
-सिंहस्थ कुंभ की थीम को मंदिर समिति ने किया सार्थक,भजन कीर्तन मंडलियों के दलों ने भी किया आकर्षित
उज्जैन। सोमवार को भगवान श्री महाकालेश्वर की प्रमुख राजसी सवारी में संगम- ईशा फाउंडेशन एवं नादयोग द्वारा भव्य आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुति ने मंदिर के प्रांगण में ही आध्यात्मिक समा बांध दिया था। सवारी के बाहर आने से पूर्व शहर के प्रमुख5 बैंड ने अपनी स्वर लहरियों से पूरे मार्ग पर खडे श्रद्धालुओं को भक्ति के रंग में रंग दिया। मार्ग के दोनों और शिवत्व के भक्तिभाव में 6स्वरूपों के दर्शन के दौरान श्रद्धालु दोनों हाथ उठाकर जय श्री महाकाल का उद्घोष करते रहे। भजन एवं कीर्तन मंडलियों ने भी आकर्षित किया है।
षष्ठम सवारी के लिए शहर के प्रमुख 5 बैंड सवारी के साथ मैदान में उतरे थे। उन्हें मंदिर समिति की और से आमंत्रित किया गया था। सवारी से पूर्व बैंड संचालकों का मंदिर समिति की और से साफा बांधकर सम्मान किया गया। इसके बाद बैंड संचालक अपने भारी भरकम लवाजमें के साथ जैसे ही मैदान में उतरे और अपनी स्वर लहरियां वातावरण में बिखेरी तो मौजूद श्रद्धालु भक्ति भाव में झूमने पर मजबूर हो गए। श्रद्धालु ये तय नहीं कर पा रहे थे कि किस बैंड ने सबसे बेहतर प्रदर्शन इस दौरान किया। मंदिर समिति की और से भारत बैंड के हनीफ भाई,गणेश बैंड के विजयसिंह सरगरा,रमेश बैंड के श्री संतोष,आर के बैंड के श्री अंबाराम,राजकमल बैंड के केशव कामले का साफा बांधकर सम्मान किया गया। मंदिर समिति के अनुसार प्रत्येक बैंड दल में करीब 250 सदस्यीय दल शामिल हुआ।
मंदिर से रामघाट तक सांस्कृतिक छटा-
मंदिर के प्रांगण में संगम- ईशा फाउंडेशन एवं नादयोग की प्रस्तुति के साथ ही नृत्य दल की और से आकर्षक एवं मनमोहक प्रस्तुति ने भी यहां उपस्थितों का मनमोह लिया था। नृतक दल की सफेद वस्त्रों में प्रस्तुति बेहद आकर्षक रही।
खडे हनुमान जी के पीछे से निकली सवारी-
कंठाल से गोपाल मंदिर चौडीकरण के दरमियान आ रहे श्री खडे हनुमान जी के विस्थापन में पेंच फंसने के बाद इस मार्ग पर सवारी सतीगेट से होती हुई पहुंची। यहां मंदिर के आजूबाजू पुख्ता बेरिकेडिंग की गई थी। मंदिर के पिछले हिस्से से ही सवारी को पूर्ववत निकाला गया। इस दरमियान पूरी सतर्कता बरते जाने की स्थिति देखी गई।
चौडीकरण मार्गों से सहुलियतें हुई-
परंपरागत सवारी मार्ग के बहुत बडे हिस्से में चौडीकरण के कारण सोमवार को निकली राजसी सवारी के दौरान श्रद्धालुओं को खासी सहुलियतें हुई। सवारी मार्ग पर बेरिकेडस में खडे रहकर श्रद्धालुओं ने सहजता से सुलभता पूर्वक भगवान के दर्शन किए।
प्रमुख बाजार अपरांह् में बंद हुए-
राजसी सवारी को देखते हुए प्रमुख दौलतगंज सहित शहर के अन्य प्रमुख केंद्रों के बाजार भी अपरांह् में ही बंद हो गए थे। सुबह से ही व्यापारियों ने सवारी को देखते हुए अपने व्यापार के लिए योजनाबद्ध कार्यशैली को अपनाया था। शाम के कार्यों को व्यापारियों ने स्थगित ही रखा था।
सवारी मार्ग पर बेहतर रहे प्रबंध-
प्रमुख राजसी सवारी को लेकर यातायात प्रबंध मार्ग पर बेहतर किए गए थे। बेरिकेडस के साथ मार्ग पर आवाजाही कई घंटों पूर्व कर दिए जाने से यातायात में व्यवधान और जाम जैसी स्थितियां नहीं बन सकी। वाहनों को सवारी मार्ग के प्रमुख हिस्सों एवं गलियों में नहीं जाने देने से पैदल जाने वाले श्रद्धालुओं को इससे सहजता हुई हैं।
दक्षिण भारतीय साडियों में भजन मंडली ने मोहा-
सवारी में शामिल 73 भजन मंडलियों में सभी ने राजसी सवारी के लिए पूर्व से तैयारी की थी। दलों ने अपनी आकर्षक प्रस्तुतियां इस दौरान दी। झांझ एवं डमरू वादन के दलों ने तो कई जगह पर श्रद्धालुओं की दाद बटोरी। दक्षिण भारतीय साडी एवं श्रृंगार के महिला दल ने भी अपने भजनों एवं गरबा नृत्य से इस दौरान आकर्षित किया।
सवारी में इस तरह शामिल हुए दल-
सवारी में दलों को मंदिर समिति की और से क्रम दिए गए थे। मंदिर समिति के अनुसार सवारी में श्री महाकालेश्वर भगवान की प्रमुख राजसी सवारी के चल समारोह में सबसे आगे मजिस्ट्रेट वाहन,श्री महाकालेश्वर मंदिर का प्रचार वाहन , यातायात पुलिस, तोपची, भगवान श्री महाकालेश्वर जी का रजत ध्वज, घुडसवार, विशेष सशस्त्र बल सलामी गार्ड, स्काउट / गाइड सदस्य , कांग्रेस सेवा दल , सेवा समिति, बैंड के बाद उज्जैन के अतिरिक्त मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरो से सवारी सम्मिलित होने वाली 73 भजन मंडलियां चल समारोह में प्रभु का गुणगान करते हुए व अपनी सेवाए देती हुई चल रही थी। भजन मंडलियों के बाद, नगर के साधू-संत व गणमान्य नागरिक, पुलिस बैंड, नगर सेना के सलामी गार्ड की टुकड़ी, श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी व पुरोहितगण, श्री महाकालेश्वर मंदिर बैंड सवारी के साथ रहा। इसके बाद श्री महाकालेश्वर भगवान (श्री चंद्रमोलीश्वर) की प्रमुख पालकी , पुष्प वर्षा हेतु लोडिंग वाहन, भारत बैंड, रथ पर श्री गरुड़ पर विराजित श्री शिव-तांडव जी, रमेश बैंड, नंदी रथ पर श्री उमा महेश स्वरुप, गणेश बैंड, रथ पर श्री होल्कर स्टेट मुखारविंद, आर.के.बैंड , रथ पर श्री सप्तधान मुखारविंद के पश्चात राजकमल म्यूजिकल ग्रुप बैंड, व श्री मनमहेश स्वरुप हाथी पर विराजित होकर निकले। सवारी के साथ एम्बुलेन्स, विद्दयुत मंडल का वाहन, फायर ब्रिगेड, वन विभाग पुलिस वाहन आदि भी सुरक्षा की दृष्टि से सम्पूर्ण सवारी मार्ग में साथ रहे।
स्वामी मुस्कुराके मंडली छाई रही-
सवारी में पिछले 39 वर्षों से राजसी वेशभूषाओं में प्रदर्शन करने वाली स्वामी मुस्कुराके (शैलेन्द्र व्यास) मंडली पूरे समय अपने प्रदर्शन से छाए रहे।मंडली ने जमकर आनंदमयी प्रदर्शन इस दौरान राजसी वेशभूषा में किया।
सिंहस्थ महापर्व 2028 की झांकी-
सवारी में उज्जैन विकास प्राधिकरण ने भी अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुति झांकी से दी। इस दौरान प्राधिकरण ने धर्मनगरी और उसके मंदिरों के विकास को लेकर झांकी प्रदर्शित की। दो अलग-अलग ट्रेक्टरों पर झांकियां सजाई गई थी।
सभा मंडप पूजन में ये हुए शामिल-
सवारी से पूर्व मंदिर के सभा मंडप में भगवान के श्री चंद्रमौलेश्वर स्वरूप का पूजन शासकीय पुजारी घनश्याम शर्मा ने सम्पन्न कराया। इस दौरान नर्मदा परिक्रमा से जुडे आध्यात्मिक संत श्री अवधूत दादा गुरु, प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, दिलीप अहिरवार , भाजयूमो प्रदेशाध्यक्ष श्याम टेलर, मुख्यमंत्री के पुत्र वैभव यादव, विधायक महेश परमार, सतीश मालवीय, संभागायुक्त आशीष सिंह आदि अति विशिष्ट अतिथि शामिल हुए।
श्रावण – भादौ मास की छठी एवं राजसी प्रमुख सवारी में मंदिर से लेकर मार्ग पर शिवत्व का भक्तिभाव फैला
बैंड की स्वर लहरियों में रमे भक्त, 6स्वरूपों के दर्शन कर हुए निहाल,उठे हाथ बोले जय श्री महाकाल
-सिंहस्थ कुंभ की थीम को मंदिर समिति ने किया सार्थक,भजन कीर्तन मंडलियों के दलों ने भी किया आकर्षित
उज्जैन। सोमवार को भगवान श्री महाकालेश्वर की प्रमुख राजसी सवारी में संगम- ईशा फाउंडेशन एवं नादयोग द्वारा भव्य आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुति ने मंदिर के प्रांगण में ही आध्यात्मिक समा बांध दिया था। सवारी के बाहर आने से पूर्व शहर के प्रमुख5 बैंड ने अपनी स्वर लहरियों से पूरे मार्ग पर खडे श्रद्धालुओं को भक्ति के रंग में रंग दिया। मार्ग के दोनों और शिवत्व के भक्तिभाव में 6स्वरूपों के दर्शन के दौरान श्रद्धालु दोनों हाथ उठाकर जय श्री महाकाल का उद्घोष करते रहे। भजन एवं कीर्तन मंडलियों ने भी आकर्षित किया है।
षष्ठम सवारी के लिए शहर के प्रमुख 5 बैंड सवारी के साथ मैदान में उतरे थे। उन्हें मंदिर समिति की और से आमंत्रित किया गया था। सवारी से पूर्व बैंड संचालकों का मंदिर समिति की और से साफा बांधकर सम्मान किया गया। इसके बाद बैंड संचालक अपने भारी भरकम लवाजमें के साथ जैसे ही मैदान में उतरे और अपनी स्वर लहरियां वातावरण में बिखेरी तो मौजूद श्रद्धालु भक्ति भाव में झूमने पर मजबूर हो गए। श्रद्धालु ये तय नहीं कर पा रहे थे कि किस बैंड ने सबसे बेहतर प्रदर्शन इस दौरान किया। मंदिर समिति की और से भारत बैंड के हनीफ भाई,गणेश बैंड के विजयसिंह सरगरा,रमेश बैंड के श्री संतोष,आर के बैंड के श्री अंबाराम,राजकमल बैंड के केशव कामले का साफा बांधकर सम्मान किया गया। मंदिर समिति के अनुसार प्रत्येक बैंड दल में करीब 250 सदस्यीय दल शामिल हुआ।
मंदिर से रामघाट तक सांस्कृतिक छटा-
मंदिर के प्रांगण में संगम- ईशा फाउंडेशन एवं नादयोग की प्रस्तुति के साथ ही नृत्य दल की और से आकर्षक एवं मनमोहक प्रस्तुति ने भी यहां उपस्थितों का मनमोह लिया था। नृतक दल की सफेद वस्त्रों में प्रस्तुति बेहद आकर्षक रही।
खडे हनुमान जी के पीछे से निकली सवारी-
कंठाल से गोपाल मंदिर चौडीकरण के दरमियान आ रहे श्री खडे हनुमान जी के विस्थापन में पेंच फंसने के बाद इस मार्ग पर सवारी सतीगेट से होती हुई पहुंची। यहां मंदिर के आजूबाजू पुख्ता बेरिकेडिंग की गई थी। मंदिर के पिछले हिस्से से ही सवारी को पूर्ववत निकाला गया। इस दरमियान पूरी सतर्कता बरते जाने की स्थिति देखी गई।
चौडीकरण मार्गों से सहुलियतें हुई-
परंपरागत सवारी मार्ग के बहुत बडे हिस्से में चौडीकरण के कारण सोमवार को निकली राजसी सवारी के दौरान श्रद्धालुओं को खासी सहुलियतें हुई। सवारी मार्ग पर बेरिकेडस में खडे रहकर श्रद्धालुओं ने सहजता से सुलभता पूर्वक भगवान के दर्शन किए।
प्रमुख बाजार अपरांह् में बंद हुए-
राजसी सवारी को देखते हुए प्रमुख दौलतगंज सहित शहर के अन्य प्रमुख केंद्रों के बाजार भी अपरांह् में ही बंद हो गए थे। सुबह से ही व्यापारियों ने सवारी को देखते हुए अपने व्यापार के लिए योजनाबद्ध कार्यशैली को अपनाया था। शाम के कार्यों को व्यापारियों ने स्थगित ही रखा था।
सवारी मार्ग पर बेहतर रहे प्रबंध-
प्रमुख राजसी सवारी को लेकर यातायात प्रबंध मार्ग पर बेहतर किए गए थे। बेरिकेडस के साथ मार्ग पर आवाजाही कई घंटों पूर्व कर दिए जाने से यातायात में व्यवधान और जाम जैसी स्थितियां नहीं बन सकी। वाहनों को सवारी मार्ग के प्रमुख हिस्सों एवं गलियों में नहीं जाने देने से पैदल जाने वाले श्रद्धालुओं को इससे सहजता हुई हैं।
दक्षिण भारतीय साडियों में भजन मंडली ने मोहा-
सवारी में शामिल 73 भजन मंडलियों में सभी ने राजसी सवारी के लिए पूर्व से तैयारी की थी। दलों ने अपनी आकर्षक प्रस्तुतियां इस दौरान दी। झांझ एवं डमरू वादन के दलों ने तो कई जगह पर श्रद्धालुओं की दाद बटोरी। दक्षिण भारतीय साडी एवं श्रृंगार के महिला दल ने भी अपने भजनों एवं गरबा नृत्य से इस दौरान आकर्षित किया।
सवारी में इस तरह शामिल हुए दल-
सवारी में दलों को मंदिर समिति की और से क्रम दिए गए थे। मंदिर समिति के अनुसार सवारी में श्री महाकालेश्वर भगवान की प्रमुख राजसी सवारी के चल समारोह में सबसे आगे मजिस्ट्रेट वाहन,श्री महाकालेश्वर मंदिर का प्रचार वाहन , यातायात पुलिस, तोपची, भगवान श्री महाकालेश्वर जी का रजत ध्वज, घुडसवार, विशेष सशस्त्र बल सलामी गार्ड, स्काउट / गाइड सदस्य , कांग्रेस सेवा दल , सेवा समिति, बैंड के बाद उज्जैन के अतिरिक्त मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरो से सवारी सम्मिलित होने वाली 73 भजन मंडलियां चल समारोह में प्रभु का गुणगान करते हुए व अपनी सेवाए देती हुई चल रही थी। भजन मंडलियों के बाद, नगर के साधू-संत व गणमान्य नागरिक, पुलिस बैंड, नगर सेना के सलामी गार्ड की टुकड़ी, श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी व पुरोहितगण, श्री महाकालेश्वर मंदिर बैंड सवारी के साथ रहा। इसके बाद श्री महाकालेश्वर भगवान (श्री चंद्रमोलीश्वर) की प्रमुख पालकी , पुष्प वर्षा हेतु लोडिंग वाहन, भारत बैंड, रथ पर श्री गरुड़ पर विराजित श्री शिव-तांडव जी, रमेश बैंड, नंदी रथ पर श्री उमा महेश स्वरुप, गणेश बैंड, रथ पर श्री होल्कर स्टेट मुखारविंद, आर.के.बैंड , रथ पर श्री सप्तधान मुखारविंद के पश्चात राजकमल म्यूजिकल ग्रुप बैंड, व श्री मनमहेश स्वरुप हाथी पर विराजित होकर निकले। सवारी के साथ एम्बुलेन्स, विद्दयुत मंडल का वाहन, फायर ब्रिगेड, वन विभाग पुलिस वाहन आदि भी सुरक्षा की दृष्टि से सम्पूर्ण सवारी मार्ग में साथ रहे।
स्वामी मुस्कुराके मंडली छाई रही-
सवारी में पिछले 39 वर्षों से राजसी वेशभूषाओं में प्रदर्शन करने वाली स्वामी मुस्कुराके (शैलेन्द्र व्यास) मंडली पूरे समय अपने प्रदर्शन से छाए रहे।मंडली ने जमकर आनंदमयी प्रदर्शन इस दौरान राजसी वेशभूषा में किया।
सिंहस्थ महापर्व 2028 की झांकी-
सवारी में उज्जैन विकास प्राधिकरण ने भी अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुति झांकी से दी। इस दौरान प्राधिकरण ने धर्मनगरी और उसके मंदिरों के विकास को लेकर झांकी प्रदर्शित की। दो अलग-अलग ट्रेक्टरों पर झांकियां सजाई गई थी।
सभा मंडप पूजन में ये हुए शामिल-
सवारी से पूर्व मंदिर के सभा मंडप में भगवान के श्री चंद्रमौलेश्वर स्वरूप का पूजन शासकीय पुजारी घनश्याम शर्मा ने सम्पन्न कराया। इस दौरान नर्मदा परिक्रमा से जुडे आध्यात्मिक संत श्री अवधूत दादा गुरु, प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, दिलीप अहिरवार , भाजयूमो प्रदेशाध्यक्ष श्याम टेलर, मुख्यमंत्री के पुत्र वैभव यादव, विधायक महेश परमार, सतीश मालवीय, संभागायुक्त आशीष सिंह आदि अति विशिष्ट अतिथि शामिल हुए।
परंपरागत सवारी मार्ग के बहुत बडे हिस्से में चौडीकरण के कारण सोमवार को निकली राजसी सवारी के दौरान श्रद्धालुओं को खासी सहुलियतें हुई। सवारी मार्ग पर बेरिकेडस में खडे रहकर श्रद्धालुओं ने सहजता से सुलभता पूर्वक भगवान के दर्शन किए।
प्रमुख बाजार अपरांह् में बंद हुए-
राजसी सवारी को देखते हुए प्रमुख दौलतगंज सहित शहर के अन्य प्रमुख केंद्रों के बाजार भी अपरांह् में ही बंद हो गए थे। सुबह से ही व्यापारियों ने सवारी को देखते हुए अपने व्यापार के लिए योजनाबद्ध कार्यशैली को अपनाया था। शाम के कार्यों को व्यापारियों ने स्थगित ही रखा था।
सवारी मार्ग पर बेहतर रहे प्रबंध-
प्रमुख राजसी सवारी को लेकर यातायात प्रबंध मार्ग पर बेहतर किए गए थे। बेरिकेडस के साथ मार्ग पर आवाजाही कई घंटों पूर्व कर दिए जाने से यातायात में व्यवधान और जाम जैसी स्थितियां नहीं बन सकी। वाहनों को सवारी मार्ग के प्रमुख हिस्सों एवं गलियों में नहीं जाने देने से पैदल जाने वाले श्रद्धालुओं को इससे सहजता हुई हैं।
दक्षिण भारतीय साडियों में भजन मंडली ने मोहा-
सवारी में शामिल 73 भजन मंडलियों में सभी ने राजसी सवारी के लिए पूर्व से तैयारी की थी। दलों ने अपनी आकर्षक प्रस्तुतियां इस दौरान दी। झांझ एवं डमरू वादन के दलों ने तो कई जगह पर श्रद्धालुओं की दाद बटोरी। दक्षिण भारतीय साडी एवं श्रृंगार के महिला दल ने भी अपने भजनों एवं गरबा नृत्य से इस दौरान आकर्षित किया।
सवारी में इस तरह शामिल हुए दल-
सवारी में दलों को मंदिर समिति की और से क्रम दिए गए थे। मंदिर समिति के अनुसार सवारी में श्री महाकालेश्वर भगवान की प्रमुख राजसी सवारी के चल समारोह में सबसे आगे मजिस्ट्रेट वाहन,श्री महाकालेश्वर मंदिर का प्रचार वाहन , यातायात पुलिस, तोपची, भगवान श्री महाकालेश्वर जी का रजत ध्वज, घुडसवार, विशेष सशस्त्र बल सलामी गार्ड, स्काउट / गाइड सदस्य , कांग्रेस सेवा दल , सेवा समिति, बैंड के बाद उज्जैन के अतिरिक्त मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरो से सवारी सम्मिलित होने वाली 73 भजन मंडलियां चल समारोह में प्रभु का गुणगान करते हुए व अपनी सेवाए देती हुई चल रही थी। भजन मंडलियों के बाद, नगर के साधू-संत व गणमान्य नागरिक, पुलिस बैंड, नगर सेना के सलामी गार्ड की टुकड़ी, श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी व पुरोहितगण, श्री महाकालेश्वर मंदिर बैंड सवारी के साथ रहा। इसके बाद श्री महाकालेश्वर भगवान (श्री चंद्रमोलीश्वर) की प्रमुख पालकी , पुष्प वर्षा हेतु लोडिंग वाहन, भारत बैंड, रथ पर श्री गरुड़ पर विराजित श्री शिव-तांडव जी, रमेश बैंड, नंदी रथ पर श्री उमा महेश स्वरुप, गणेश बैंड, रथ पर श्री होल्कर स्टेट मुखारविंद, आर.के.बैंड , रथ पर श्री सप्तधान मुखारविंद के पश्चात राजकमल म्यूजिकल ग्रुप बैंड, व श्री मनमहेश स्वरुप हाथी पर विराजित होकर निकले। सवारी के साथ एम्बुलेन्स, विद्दयुत मंडल का वाहन, फायर ब्रिगेड, वन विभाग पुलिस वाहन आदि भी सुरक्षा की दृष्टि से सम्पूर्ण सवारी मार्ग में साथ रहे।
स्वामी मुस्कुराके मंडली छाई रही-
सवारी में पिछले 39 वर्षों से राजसी वेशभूषाओं में प्रदर्शन करने वाली स्वामी मुस्कुराके (शैलेन्द्र व्यास) मंडली पूरे समय अपने प्रदर्शन से छाए रहे।मंडली ने जमकर आनंदमयी प्रदर्शन इस दौरान राजसी वेशभूषा में किया।
सिंहस्थ महापर्व 2028 की झांकी-
सवारी में उज्जैन विकास प्राधिकरण ने भी अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुति झांकी से दी। इस दौरान प्राधिकरण ने धर्मनगरी और उसके मंदिरों के विकास को लेकर झांकी प्रदर्शित की। दो अलग-अलग ट्रेक्टरों पर झांकियां सजाई गई थी।
सभा मंडप पूजन में ये हुए शामिल-
सवारी से पूर्व मंदिर के सभा मंडप में भगवान के श्री चंद्रमौलेश्वर स्वरूप का पूजन शासकीय पुजारी घनश्याम शर्मा ने सम्पन्न कराया। इस दौरान नर्मदा परिक्रमा से जुडे आध्यात्मिक संत श्री अवधूत दादा गुरु, प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, दिलीप अहिरवार , भाजयूमो प्रदेशाध्यक्ष श्याम टेलर, मुख्यमंत्री के पुत्र वैभव यादव, विधायक महेश परमार, सतीश मालवीय, संभागायुक्त आशीष सिंह आदि अति विशिष्ट अतिथि शामिल हुए।
र झांकी प्रदर्शित की। दो अलग-अलग ट्रेक्टरों पर झांकियां सजाई गई थी।
सभा मंडप पूजन में ये हुए शामिल-
सवारी से पूर्व मंदिर के सभा मंडप में भगवान के श्री चंद्रमौलेश्वर स्वरूप का पूजन शासकीय पुजारी घनश्याम शर्मा ने सम्पन्न कराया। इस दौरान नर्मदा परिक्रमा से जुडे आध्यात्मिक संत श्री अवधूत दादा गुरु, प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, दिलीप अहिरवार , भाजयूमो प्रदेशाध्यक्ष श्याम टेलर, मुख्यमंत्री के पुत्र वैभव यादव, विधायक महेश परमार, सतीश मालवीय, संभागायुक्त आशीष सिंह आदि अति विशिष्ट अतिथि शामिल हुए।